रुद्रपुर। जिले के जसपुर ब्लॉक के खंड शिक्षा अधिकारी ने बिना सक्षम अधिकारियों की अनुमति के तुगलकी फरमान सुनाया। प्राइमरी टीचर्स एसोसिएशन की मांग पर खंड शिक्षा अधिकारी ने ब्लॉक के लगभग 150 प्राथमिक और जूनियर विद्यालयों में शिक्षिकाओं की दोपहर बाद छुट्टी घोषित कर दी। यह आदेश जारी होते ही शिक्षा विभाग में अफरातफरी मच गई। देर शाम डीईओ बेसिक ने बिना सक्षम अधिकारी के छुट्टी करने को आपराधिक कृत्य बताते हुए स्पष्टीकरण तलब किया है। साथ ही शुक्रवार को पूरे दिन विद्यालय खोलने के आदेश दिए हैं।
जसपुर में बीईओ और उपशिक्षा अधिकारी का चार्ज इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य को सौंपा गया है। बीईओ से उत्तराखंड प्राइमरी टीचर्स एसोसिएशन ने पत्रक सौंपा था। इस पर बीईओ जसपुर ने सभी प्राथमिक और जूनियर विद्यालयों की शिक्षिकाओं को अहोई अष्टमी व्रत के लिए मध्यांतर बाद छुट्टी दे दी। इसके लिए न तो सीईओ और न ही डीईओ से अनुमति ली गई। बीईओ के इस तुगलकी फरमान से विभाग ने अफरातफरी मचा दी। डीईओ ने इसके लिए खंड शिक्षा अधिकारी/उप शिक्षा अधिकारी से स्पष्टीकरण तलब किया। साथ ही निर्देश दिए कि बिना शासकीय छुट्टी या अधिकारियों के अनुमति के बगैर कोई छुट्टी नहीं दी जा सकती। उन्होंने निर्देश दिया कि शुक्रवार को पूरे दिन विद्यालय खुलेंगे और किसी की मध्यांतर बाद छुट्टी नहीं होगी। बीते दिनों से जसपुर विकास खंड से लगातार विभाग को शिकायतें मिल रही हैं। बीते दिनों इसी लापरवाही में प्रधानाध्यापक सहित दो का निलंबन भी हो चुका है। आशंका जताई जा रही है कि बीईओ जसपुर पर भी विभाग कार्रवाई कर सकता है।
इस समय विद्यालयों में अर्द्धवार्षिक परीक्षा चल रही है। जसपुर उप शिक्षा अधिकारी ने बिना किसी सक्षम अधिकारी की अनुमति के ही शिक्षिकाओं को मध्यांतर बाद छुट्टी दे दी है। विद्यालय बंद करना या शिक्षण प्रभावित करना आपराधिक कृत्य में आता है। इसके लिए बीईओ से स्पष्टीकरण तलब किया गया है। शुक्रवार को पूरे दिन स्कूल चलेंगे, किसी की कोई छुट्टी नहीं होगी। हरेंद्र कुमार मिश्र, डीईओ।