रुद्रपुर। लॉकडाउन में अब लोगों को खतौनी के लिए तहसील कार्यालय के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। जमीनों की रजिस्ट्री करवाने के लिए ऑनलाइन खतौनी की सुविधा को प्रशासन की ओर से शुरु करा दिया गया है, लेकिन लॉकडाउन के बाद ही खतौनी की मूल कॉपी रजिस्ट्रार कार्यालय में जमा करनी होगी। मूल खतौनी नहीं मिलने से जमीनों की रजिस्ट्री नहीं होने का मुद्दा अमर उजाला ने प्रमुखता से उठाया था। शासन के आदेश के बाद राजस्व वसूली के लिए जिले में रजिस्ट्री कार्यालय तो खोल दिए गए। लेकिन तहसीलों के अभिलेखागार बंद होने के चलते जमीनों की मूल खतौनी जारी नहीं होने से लोगों को कई दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। रजिस्ट्री कार्यालय में केवल मकान, दुकान आदि की ही रजिस्ट्री हो रही थी। जमीनों की रजिस्ट्री कराने आने वालों को मूल खतौनी नहीं मिलने से निराश होकर वापस लौटना पड़ रहा था। बिना मूल खतौनी जमीनों की रजिस्ट्री नहीं होने का मामला अमर उजाला ने उठाया था। इसके चलतेरजिस्ट्रार की ओर से ऑनलाइन खतौनी का प्रस्ताव तैयार कर जिला प्रशासन को भेजा गया था। प्रशासन की ओर से ऑनलाइन प्रस्ताव पर मुहर लगा दी गई है। रजिस्ट्रार सहायक महानिरीक्षक एसके चौहान ने बताया कि अब लोग रजिस्ट्रार कार्यालय में पहुंचकर खतौनी की ऑनलाइन कॉपी भी दिखा सकते हैं और इससे उनकी जमीनों की रजिस्ट्री हो जाएगी। लेकिन एक दिन में केवल पांच लोगों को ही टोकन सिस्टम देकर जमीनों की रजिस्ट्री करने का मौका मिलेगा। बताया कि कोरोना संक्रमण को ध्यान में रखकर कार्यालय में भीड़भाड़ न हो इसके लिए टोकन सिस्टम रखवाया गया है। बताया कि शासन के निर्देशों का पालन किया जा रहा है और कार्यालय में सोशल डिस्टेसिंग, सैनिटाइजेशन का पूरा ख्याल रखा जा रहा है।