खटीमा। वन न्यायालय ने आरक्षित वन भूमि पर पुराने काबिज 23 वन व्यवसायियों को दो हफ्ते के भीतर भूमि खाली करने का नोटिस जारी किया है। इस आदेश से असंतुष्ट होने पर 14 दिन के भीतर अपीलीय प्राधिकृत अधिकारी वन संरक्षक पश्चिमी वृत उत्तराखंड हल्द्वानी के समक्ष अपील कर सकते हैं। इस बेदखली आदेश से आरक्षित वन भूमि के कब्जेदारों में हड़कंप मचा हुआ है।
न्यायालय प्राधिकृत अधिकारी, प्रभागीय वनाधिकारी तराई पूर्वी वन प्रभाग हल्द्वानी ने खटीमा रेंज के अंतर्गत आरक्षित वन क्षेत्र साल बोझी कक्ष संख्या में अनाधिकृत रूप से काबिज लोगों को नोटिस जारी कर 14 दिन में वन भूमि खाली करने के आदेश दिए हैं। नोटिस में कहा गया कि इस दौरान हाईकोर्ट उत्तराखंड नैनीताल के आदेशानुसार लीज नवीनीकरण के लिए कोई प्रस्ताव प्रस्तुत नहीं किया गया और न इस वन भूमि में अध्यासन (कब्जा) के समर्थन में कोई साक्ष्य ही प्रस्तुत किए गए। नोटिस में 14 दिन के अंदर भूमि स्वयं खाली नहीं करने पर बलपूर्वक बेदखल किया जाएगा। ऐसी स्थिति में व्यय राशि की संपूर्ण वसूली भू-राजस्व के बकाया के रूप में की जाएगी।
प्राधिकृत अधिकारी, प्रभागीय वनाधिकारी तराई पूर्वी वन प्रभाग हल्द्वानी से 23 कब्जेदारों को खाली भूमि करने संबंधी नोटिस दिए जा चुके हैं। इसके अतिरिक्त आठ अन्य लोगों को भी एक-दो दिन में 14 दिन के अंदर भूमि खाली करने के नोटिस दिए जा रहे हैं। आरक्षित वन भूमि पर बसे अन्य अतिक्रमणकारियों को चिह्नित कर सूची संबंधित रेंजर से मांगी गई है। सूची मिलते ही इन्हें भी आरक्षित वन भूमि से हटाया जाएगा।
- संतोष पंत, उप प्रभागीय वनाधिकारी खटीमा।