काशीपुर। लेखपालों ने तीन माह से अतिरिक्त चार्ज छोड़ दिया है। तब से काशीपुर तहसील में लेखपालों के सात पद खाली हैं। इन इलाकों में कई प्रकरण लंबित रहने के साथ ही विभिन्न प्रमाणपत्र बनाने में भी दिक्कत हो रही है। ऐसे में लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कई बार मांग करने के बाद भी जिला प्रशासन इस समस्या का समाधान नहीं कर सका है।
काशीपुर तहसील में राजस्व उपनिरीक्षकों के 20 पद हैं जबकि तहसील में 13 लेखपाल तैनात हैं। ऐसे में अधिकतर लेखपालों के पास एक से अधिक क्षेत्रों का चार्ज था। काम बढ़ने के कारण लेखपाल संघ ने तीन माह पूर्व बैठक कर अतिरिक्त क्षेत्रों का चार्ज छोड़ दिया। इससे तहसील का कामकाज प्रभावित हुआ है।
लोग अपने खसरा, खतौनी, विरासतन, आर-6 की नकल समेत आय, जाति, निवास आदि प्रमाणपत्र बनवाने के लिए परेशान हैं। कई किसानों की मृत्यु के बाद उनके वारिसों के नाम भूमि का नामांतरण नहीं हो पा रहा है। ऐसे में किसानों को बैंकों से कर्ज लेने और पुराना कर्ज चुकाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ग्राम करनपुर के प्रधानपति ओंकारदीप सिंह ने बताया कि भूमि का विरासतन नाम दर्ज न होने के कारण उन्हें बैंक का अतिरिक्त ब्याज चुकाना पड़ रहा है।
तहसीलदार अक्षय कुमार भट्ट ने बताया कि लोगों की दिक्कतों को देखते हुए लेखपालों को अतिरिक्त क्षेत्रों के प्रमाणपत्रों की जांच कर रिपोर्ट लगाने के आदेश दिए गए हैं। इसके बावजूद लेखपालों ने अतिरिक्त क्षेत्रों के प्रमाणपत्रों की जांच रिपोर्ट नहीं दी है।