जसपुर। नगर में रोडवेज बस अड्डा नहीं होने के कारण क्षेत्रवासियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। यूपी के समय से ही रोडवेज बस अड्डे का निर्माण क्षेत्रवासियों की प्रमुख मांग रही है। प्रत्येक विधानसभा एवं लोकसभा चुनाव में प्रत्याशियों की ओर से रोडवेज बस अड्डे का निर्माण कराए जाने का आश्वासन दिया जाता था लेकिन चुनाव जीतने के बाद जनप्रतिनिधि अपने किए गए वादों को भूल जाते हैं।
पूर्व विधायक डॉ. शैलेंद्र मोहन सिंघल तीन बार के विधायक रहे हैं। उनके प्रयास से तत्कालीन सीएम हरीश रावत ने 18 अक्तूबर 2011 को सूत मिल की भूमि में रोडवेज बस अड्डे का शिलान्यास किया था, लेकिन प्रयास परवान नहीं चढ़ सका। भाजपा नेता विनय रुहेला ने नगर के पश्चिम में स्थित नगर पालिका की भूमि पर रोडवेज बस अड्डा के निर्माण का प्रयास किया था। भूमि विभाग का मामला उच्च न्यायालय में पहुंच गया और बस अड्डे का निर्माण नहीं हो सका।
विधायक आदेश चौहान ने अपने कार्यकाल में रोडवेज बस अड्डे के निर्माण का प्रयास किया था लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। उन्होंने जनता की सुविधा के लिए रोडवेज बस को जीजीआईसी के सामने बने प्रतीक्षालय में रुकवाने का प्रयास किया। वर्तमान में यात्री प्रतीक्षालय पर सुभाष चौक पर नगर से पश्चिम जहां पर बस अड्डे का बोर्ड लगा है वहां से यात्री बसों में बैठने उतरते हैं।
विधायक चौहान का कहना है प्रदेश में विकास विरोधी सरकार है कि उनकी नहीं सुन रही है। नगर से विभिन्न डिपो की लगभग 200 बस आती-जाती हैं। बस अड्डा नहीं होने के कारण दुर्घटना होने की आशंका बनी रहती है। यात्री तीनों स्थानों पर सड़क से ही बस में चढ़ते और उतरते हैं।