रुद्रपुर। स्वास्थ्य विभाग में सरकारी कर्मियों की कमी को पूरा कर रहे एनएचएम (राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन) कर्मियों को दो साल से वार्षिक वेतन वृद्धि का लाभ नहीं मिला है। जिला स्वास्थ्य समिति में स्वास्थ्य विभाग की ओर से वर्ष 2021-22 और 2022-23 की एनएचएम कर्मियों वेतन वृद्धि की फाइलें अप्रूव नहीं हुई हैं। इस कारण एनएचएम कर्मियों को पुराने वेतन पर काम करना पड़ रहा है।
जिले में वर्तमान में 507 एनएचएम कर्मी विभिन्न अस्पतालों और स्वास्थ्य विभाग के कार्यालयों में तैनात हैं। एनएचएम के मानकों के अनुसार इन कर्मचारियों को प्रतिवर्ष तीन से पांच प्रतिशत तक वार्षिक वेतन वृद्धि होनी चाहिए। इन एनएचएम कर्मियों में लैब टेक्नीशियन, स्टाफ नर्स, फिजियोथेरेपिस्ट, लिपिकों के लेकर आयुष व एमबीबीएस डॉक्टर तक शामिल हैं। वार्षिक वेतन वृद्धि के लाभ से वंचित एनएचएम कर्मियों में स्वास्थ्य विभाग के विरुद्ध रोष व्याप्त है। उनका कहना है नैनीताल समेत अन्य जिलों में एनएचएम कर्मियों को वेतन वृद्धि का लाभ मिल चुका है।
सीएमओ डाॅ. मनोज कुमार शर्मा कहते हैं कि एनएचएम कर्मियों की वार्षिक वेतन वृद्धि की फाइल जिला स्वास्थ्य समिति के भेज दी है। इसका निर्णय जिला स्वास्थ्य समिति को लेना है। जिला स्वास्थ्य समिति के अध्यक्ष और डीएम युगल किशोर पंत कहते हैं कि शीघ्र ही जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक होने जा रही है, जिसमें वार्षिक वेतन वृद्धि को लेकर चर्चा और निर्णय लिया जाएगा। कर्मचारी के कार्यों के मूल्यांकन कर उन्हें वार्षिक वेतन वृद्धि का लाभ दिया जाएगा।
आशाओं का मानदेय स्वास्थ्य कर्मियों को देने पर जिला प्रशासन गंभीर
रुद्रपुर। जिले की 1346 आशा कार्यकर्ताओं का आठ माह का मानदेय खातों में नहीं पहुंचा है। सीएमओ के आश्वासन पर बृहस्पतिवार को आशाओं ने एक जून से चल रही अपनी हड़ताल को स्थगित कर दी है। एनएचएच से मिलने वाले वाले वेतन के बजट से आशाओं के बजाय पहले एनएचएम कर्मियों को दिया जाता है। जिस कारण आशाओं को बार-बार हड़ताल करनी पड़ती है। इसके अलावा वेतन देने में जिला मुख्यालय कार्यालय के एनएचएम कर्मियों को ब्लॉक स्तर पर कार्यरत एनएचएम कर्मियों पर प्राथमिकता दी जाती है।