व्यापारियों ने बैंक मैनेजर का घेराव कर तकनीकी दिक्कतों को दूर करने के लिए कहा
संवाद न्यूज एजेंसी
रुद्रपुर। इंडियन मेडिकल एजेंसी फर्म के खाते से एक बैंक की ओर से 85505 रुपये काटने पर व्यापारियों का पारा चढ़ गया। व्यापारियों ने बैंक प्रबंधक का घेराव कर तकनीकी दिक्कतों को ठीक करने के साथ ही भविष्य में इस तरह की गलती दोबारा दोहराए जाने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी।
बुधवार को मुख्य बाजार में इलाहाबाद बैंक वाली गली स्थित एक बैंक में जाकर व्यापारियों ने बैंक प्रबंधक के विरुद्ध आक्रोश जताया। प्रांतीय उद्योग व्यापार मंडल के नगर अध्यक्ष संजय जुनेजा ने कहा कि आरबीआई की गाइडलाइन के अनुसार बैंकों को 10.90 प्रतिशत ब्याज दर लगानी चाहिए लेकिन बैंक की ओर से 16 प्रतिशत का ब्याज लिया जा रहा है।
पीड़ित व्यापारी गुलशन बाठला ने कहा कि फर्म का सिबिल स्कोर सही होने पर भी बैंक की ओर से डिफाल्टर घोषित कर दिया गया है। कहा कि वर्ष 2002 में लिया गया 2150 लाख रुपये का ऋण वर्ष 2011 में चुका दिया गया है। नो ड्यूज का प्रमाणपत्र होने के बावजूद बैंक की ओर से डिफाल्टर बना दिया है। वर्ष 2021 में बैंक की ओर से खाते से प्रोसेसिंग चार्ज 30 हजार रुपये तक काट लिए हैं। इसी दौरान बैंक की ओर से आठ दिन में चार बार कुल 3453 रुपये काट लिए गए हैं। इसके साथ ही इस वर्ष मार्च में एकाउंट कीपिंग चार्ज के रूप में 1652 रुपये लिमिट बढ़ाने पर अब तक दो बार 25200 रुपये काट लिए गए हैं। पेनाल्टी चार्ज इस वर्ष चार बार काट लिया गया है, जबकि प्रत्येक माह की एक तारीख को स्टॉक स्टेटमेंट बैंक को जमा किया जाता रहा है। बैंक प्रबंधक दीपक सिंह ने बताया कि तकनीकी दिक्कत आने के चलते व्यापारी के खाते से रुपये कटे हैं। बैंक की ओर से इसका समाधान निकाला जा रहा है। वहां प्रांतीय उद्योग व्यापार मंडल महामंत्री राजेश बंसल, अध्यक्ष संजय जुनेजा, जुगल नारंग, रजत बत्रा, रमेश गुलाटी, हरीश मुंजाल, आशु ग्रोवर, सतीश अरोड़ा, अमित चिलाना आदि थे।