रुद्रपुर। नशे की हालत में वाहन चलाने वालों को या तो परिवहन विभाग पकड़ नहीं पाता या फिर ईमानदारी से कार्रवाई नहीं की जा रही है। काशीपुर संभाग में वर्ष 2020 से इस मामले में एक भी चालान नहीं हुआ जबकि रुद्रपुर संभाग में अब तक सिर्फ दो चालान हुए हैं।
जिले में रोजाना सड़क हादसे हो रहे हैं। अधिकतर हादसों में चालक का नशे में होना बताया जाता है। इसके बावजूद इन मामलों में अब तक कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। काशीपुर संभाग में वर्ष 2020-21 में इस मामले में एक भी वाहन का चालान नहीं हुआ। वर्ष 2021-22 में इस मामले में एक भी चालान नहीं हो सका। 2022-23 में जनवरी-फरवरी में नशे में वाहन चलाने पर सिर्फ दो वाहनों के चालान हुए हैं। इसके अलावा रुद्रपुर संभाग में वर्ष 2020-21 में नशे की हालत में वाहन चलाने के मामले में सिर्फ एक चालान हुआ। वर्ष 2021-22 में भी एक चालान हुआ है। 2022-23 अब तक एक भी चालान नहीं हुआ। रुद्रपुर संभाग में वर्ष 2020-21 में 63 चालकों की एल्कोमीटर से जांच हुई, जिसमें 54 चालक दोषी पाए गए। वर्ष 2021-22 में 41 चालकों की जांच हुई, जिसमें सिर्फ एक चालक दोषी पाया गया। 2022-23 में एक भी चालक की एल्कोमीटर से जांच नहीं हो सकी। इससे साफतौर पर जाहिर हो रहा है कि नशे की हालत में वाहन चलाने वालों पर परिवहन विभाग मेहरबान है और इसकी चालानी कार्रवाई को गंभीरता से नहीं ले रहा है।
कोट
कोरोना महामारी के दौरान मुंह में एल्कोमीटर लगाने की वजह से उस समय चालानी कार्रवाई कम हुई। पिछले दिनों सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में जिलाधिकारी ने भी इस मुद्दे को उठाया था। अब पुलिस के साथ संयुक्त रूप से इस कार्रवाई को किया जा रहा है। - बिपिन कुमार, संभागीय परिवहन अधिकारी रुद्रपुर संभाग