गदरपुर से भाजपा के विधायक अरविंद पांडेय की जमानत याचिका न्यायिक मजिस्ट्रेट की कोर्ट ने खारिज कर दी।
थाना बाजपुर में पुलिस ने विधायक पांडेय के खिलाफ पुलिस अपने साथियों को जबरन छुड़ाने, मारपीट, बलवा और सरकारी काम बाधा पहुंचाने सहित कई आरोपों में धारा 147, 323, 332, 353, 504 और 225 (क) और क्रिमिनल एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया था। इस मामले में बृहस्पतिवार को न्यायिक मजिस्ट्रेट ने दोनों पक्षों के वकीलों की दलीलों को सुना। सहायक अभियोजन अधिकारी रतन कम्बोज ने विधायक पांडेय को जमानत दिए जाने का विरोध किया। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत ने कहा कि 28 जनवरी 2015 को अभियुक्त पांडेय ने अपने साथियों के साथ मिलकर अभियुक्त खीम सिंह दानू व विमल शर्मा को पुलिस कस्टडी से जबरदस्ती छुड़ाया। पुलिस ने जब रोकने का प्रयास किया तो साथियों के साथ मिलकर गाली-गलौज करते हुए सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाई। इसके अलावा अभियुक्त पांडेय का आपराधिक इतिहास होना भी बताया गया है, जो गंभीर प्रकृति का है। लिहाजा अभियुक्त अरविंद पांडेय द्वारा जमानत के लिए पेश किया गया प्रार्थना पत्र स्वीकार किए जाने का कोई प्राप्त आधार नहीं है। इसलिए जमानत प्रार्थना पत्र को निरस्त किया जाता है।