रुद्रपुर। एक किशोरी को होटल कर्मचारी को बेचने के आरोप में पुलिस ने दो किशोरियों को पकड़ा है। किशोरी को पांच हजार रुपये में बेचा गया था और खरीदने वाले होटलकर्मी ने उसके साथ दुष्कर्म किया था। मामले में पुलिस होटल कर्मी के अलावा पीड़िता के दोस्त को जेल भेज चुकी है।
पुलिस के अनुसार 10 फरवरी को शहर में रहने वाली एक किशोरी संदिग्ध हालात में लापता हो गई। पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर उसकी तलाश शुरू की। तीन दिन बाद वह अपने घर आ गई। उसने बताया कि वह अपने दोस्त के साथ घूमने चली गई थी। अंधेरा होने पर घर में जाने की बजाए उसने रुद्रपुर रहने वाली अपनी दोस्त से मदद मांगी थी। उसकी दोस्त ने आवास विकास में रहने वाली अपनी दूसरी दोस्त के साथ मिलकर उसे लालपुर में एक होटल कर्मी देबू कश्यप को बेच दिया। होटल कर्मी ने तीन दिन तक उसके साथ दुष्कर्म किया और वह किसी तरह भागकर घर पहुंची।
पुलिस ने पॉक्सो, दुष्कर्म सहित विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर 15 फरवरी को देबू कश्यप को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। इसके बाद लड़की फिर से अपने दोस्त के साथ चली गई थी और अप्रैल के पहले हफ्ते में पुलिस ने उसे दिल्ली रेलवे स्टेशन से खोज लिया और बिंदुखेड़ा निवासी उसके दोस्त धर्मेंद्र को जेल भेज दिया।
पीड़िता ने बयान में दो किशोरियों पर उसका सौदा पांच हजार रुपये में करने की बात कही थी। इसके बाद पुलिस ने मुकदमे में साजिश और खरीद फरोख्त की धाराएं बढ़ाकर किशोरियों की तलाश शुरू कर दी। रविवार को जांच अधिकारी नेहा राणा ने दोनों आरोपी किशोरियों को पकड़ लिया। एसपी सिटी मनोज कत्याल ने बताया कि नाबालिग होने की वजह से दोनों आरोपियों को महिला संप्रेक्षण गृह कोटद्वार भेजा है। दोनों की पृष्ठभूमि की जांच की जा रही है।
एक दोस्त ने दिया दगा, दूसरे को बचाने की करती रही जुगत
रुद्रपुर। परिजनों से छिपकर दोस्त के साथ घूमने जाने का फैसला किशोरी केा जिंदगीभर के लिए दर्द दे गया। उसने परिजनों की डांट से बचने के लिए जिस दोस्त से मदद मांगी, उसी ने अपनी दूसरी दोस्त से मिलकर सौदा कर दिया। इसके बाद अपने दोस्त को बचाने की कोशिश में उसके साथ चली गई। लेकिन नाबालिग के अपहरण और दुष्कर्म के आरोप में उसका दोस्त जेल गया, वहीं जिस्म का सौदा करने वाली दो किशोरियों को भी आखिरकार पकड़ में आ गई। बताया जा रहा है कि पकड़ी गई एक लड़की देह व्यापार के मामले में पीड़िता रह चुकी है।
10 फरवरी को घर से निकली किशोरी अपने करीबी दोस्त के साथ घूमने चली गई थी। वापस लौटते हुए रात होने पर उसने परिजनों की डांट से बचने के लिए अपनी एक दोस्त को कॉल किया और रात में रुकने के लिए मदद मांगी। दोस्त ने लड़की की मजबूरी का फायदा उठाया और अपनी दूसरी दोस्त की मदद से उसको लालपुर में होटल कर्मी को पांच हजार रुपये में बेच दिया था। लेकिन तीन दिन के बाद लड़की घर पहुंची और पुलिस को पूरा वाक्या बताया तो पुलिस ने होटलकर्मी देबू को जेल भेज दिया था। पुलिस सूत्रों के अनुसार लड़की को इस मामले में उसके दोस्त धर्मेंद्र की गिरफ्तारी का डर था। उसको बचाने के लिए वह धारा 164 के बयान के लिए तय तारीख पर अपने दोस्त के साथ चली गई। एक महीने तक वह राजस्थान, पश्चिम बंगाल और दिल्ली में रही और फिर पुलिस ने दिल्ली से उसे धर्मेंद्र के साथ खोज लिया। पुलिस ने धर्मेंद्र को सलाखों के पीछे भेज दिया और दोस्त को दगा देने वाली लड़की और उसकी सहयोगी को भी पकड़ लिया। एसपी सिटी मनोज कत्याल ने बताया कि लड़की की खरीद फरोख्त का मामला बेहद गंभीरता है और इसकी गहनता से छानबीन की जा रही है।