-29एसटीजी03पी: सितारगंज में आयोजित अंजुम हुसैनी कान्फ्रैंस में उलेमाओं को सुनने उमड़े लोग। संवा
सितारगंज। अंजुमन हुसैन काॅन्फ्रेंस में उलेमाओं ने इमामे हुसैन और उनके 72 साथियों की शहादत बयां की। इस दौरान ...न शोहरत काम आएगी न दौलत काम आएगी, फकत महशर में आका की मोहब्बत काम आएगी, हाजियो आओ शहंशाह रोजा देखो, काबा तो देख चुके काबे का काबा देखो नात ने झूमने पर मजबूर कर दिया। इस दौरान बाहरी शहरों से आए उलेमाओं ने पैगंबर मोहम्मद साहब, हजरते इमाम हसन और हुसैन समेत तमाम वलियों की शासन में नाते पाक पढ़ीं।
इस्लामनगर में मोहर्रम के मौके पर शुक्रवार रात मोहिब्बाने अंजुमन हुसैन कमेटी की ओर से अंजुमन हुसैनी काॅन्फ्रेंस आयोजित की। इसमें बहेड़ी से आए मौलाना राशिद उल कादरी, पीलीभीत से आए मौलाना मुफ्ती कारी यूसुफ और जामा मस्जिद के खतीब मौलाना कासिम मिस्वाही ने करबला में हुसैन की शहादत को याद कर मुस्लिमों को हसन-हुसैन के बताए रास्ते पर चलने की नसीहत दी। अल्लाह के प्यारे रसूल हुजूर सल्लल्लाहो अलैहे वसल्लम और उनके खानदान की खूबियां बयां कीं।
शायरे इस्लाम अलहज अजीम अनवर ने ...कैसा इब्ने अली करतब फरिश्ते झूला झुला रहे हैं, फैजान नोमानी ने कहा ... क्या कोई समझ पाएगा रुतबा हुसैन। शायरे इस्लाम शादाब सुल्तानी और हाफिज जीशान ने भी इमाम हुसैन की शान में नात पढ़ीं। हसन नूरी ने निजामत की। वहां तस्लीम अहमद, सैय्यद सरताज मियां, जिलानी अंसारी, जाकिर हुसैन, मो. हसन, मो. इमरान, जाकिर हुसैन, डॉ. फरियाद हुसैन, वाहिद हुसैन, मो. आरिफ आदि थे।