रुद्रपुर कलक्ट्रेट में एनएचएम की बैठक लेते डीएम युगल किशोर पंत।
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रुद्रपुर। डीएम युगल किशोर पंत ने उच्च जोखिम वाली गर्भावस्था की निगरानी न करने पर सभी चिकित्सा अधीक्षकों (एमएस) को कड़ी फटकार लगाई। सीएचसी किच्छा में प्रसव के लिए ऑन कॉल डॉक्टर की व्यवस्था के लिए एमएस को निर्देश दिए। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि प्रसव से संबंधित शिकायत मिलने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
जिले में मातृ मृत्यु दर कम करने और गर्भवती महिलाओं को सभी स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए डीएम पंत ने शनिवार को राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) की बैठक की। कलक्ट्रेट सभागार में हुई इस बैठक में डीएम ने सीएमओ को निर्देश दिए कि गर्भवती महिलाएं मरीजों के संपर्क में न आएं, इसकी विशेष व्यवस्था की जाए। डीएम ने जसपुर, सितारगंज में एएनसी कम होने पर भी नाराजगी जताई।
उन्होंने कहा कि एलएमओ को अल्ट्रासाउंड का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके लिए सभी एमएस को प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि जिन डॉक्टरों और कर्मचारियों के संबद्धीकरण निरस्त हो चुके हैं, वे शीघ्र अपने मूल स्थान पर योगदान कर आख्या दें। मूूल स्थान पर योगदान न देने वाले डॉक्टरों और कार्मिकों का वेतन रोक दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि जिले के सभी 12 सब सेंटरों को संचालित कर प्रसव की व्यवस्था सुनिश्चित करें। ऐसा न करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
गर्भवतियों को निजी अस्पताल ले जानी वालीं आशाएं नपेंगी
रुद्रपुर। डीएम युगल किशोर पंत ने सख्त लहजे में कहा कि कि गर्भवती महिलाओं को निजी अस्पतालों में ले जानी वाली आशा कार्यकर्ताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को ऐसी आशाओं को चिह्नित करने के निर्देश दिए। आरोप पुष्ट होने पर उन्हें हटा दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकारी अस्पतालों में ही सुरक्षित प्रसव होने चाहिए। डीएम ने कहा कि एनएचएम के तहत जिले में डाटा एंट्री ऑपरेटर के पद आउटसोर्स के माध्यम से भरे जाएं।