रुद्रपुर। डीएम उदयराज सिंह ने मंगलवार को जीआईएस आधारित ड्रेनेज मास्टर प्लान की तैयारियों की समीक्षा की। डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम सभागार में हुई बैठक में उन्होंने रुद्रपुर, काशीपुर, सितारगंज, खटीमा में जलनिकासी के लिए प्रभावी कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए। कहा कि शहरों में बढ़ती आबादी, शहरीकरण और भविष्य को ध्यान में रखते हुए डीपीआर तैयार की जाए। उन्होंने जीआईएस आधारित डीपीआर तैयार कराने के लिए एडीएम प्रशासन एवं नजूल जयभारत सिंह को नोडल अधिकारी नामित किया।
डीएम ने कहा कि जीआईएस आधारित मास्टर प्लान एवं डीपीआर शुद्ध और सटीक हो। इसके लिए स्थानीय जनप्रतिनिधियों से भी संपर्क कर जलभराव संबंधी जानकारियां और सुझाव लिए जाएं। उन्होंने बारिश, शहरों के जलागम क्षेत्र, तेजी से हो रही विस्तारीकरण आदि विषयों पर भी गहनता से अध्ययन करने के निर्देश दिए। मास्टर प्लान तैयार कर रही वीकेएस इन्फ्राटेक मैनेजमेंट लिमिटेड के कंसल्टेंट डॉ. डीके सिंह ने बताया कि सिटी प्रोफाइलिंग, शहरी डाटाबेस निर्माण के लिए महत्वपूर्ण डाटा एकत्र किया जा रहा है।
रुद्रपुर में 55.22 वर्ग किमी, काशीपुर 39.62, खटीमा में 16, सितारगंज में चार वर्ग किमी क्षेत्र को नियोजित क्षेत्र में शामिल किया गया है। जीआईएस आधारित ड्रेनेज मास्टर प्लान 14 मार्च 2024 तक तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है। वहां सिंचाई विभाग के एसई सिंचाई पीके दीक्षित, ईई पीसी पांडे, अजय कुमार, सुशील कुमार आदि मौजूद रहे।
विकास योजनाओं का आम आदमी को मिले शत प्रतिशत लाभ
गदरपुर। आकांक्षी विकासखंड कार्यक्रम के तहत विकासखंड स्तरीय विकास की रणनीति बनाने के लिए एकदिवसीय चिंतन शिविर का आयोजन किया गया। मंगलवार को विकासखंड सभागार में हुए शिविर में जिला अग्रणी बैंक के प्रबंधक एमएस जंगपांगी ने बताया कि जहां बैंक की पहुंच नहीं है, वहां पर ग्राहक सेवा केंद्र के माध्यम से ग्रामीण जनता को लाभान्वित किया जाएगा। शिविर का संचालन अमित मेहरा ने किया। वहां बीडीओ शेखर जोशी, बीईओ भास्करानंद पांडे, सीडीपीओ बीना भंडारी, डॉ रवि शंकर झा, अमरजीत बजाज, आशीष भटनागर, कपिल कुमार, देवव्रत राय आदि थे।