-यूसीसी विधेयक के तहत 2010 के बाद हुई शादियों का पंजीकरण जरूरी
-दंपती कैफे या जनसेवा केंद्र से भरवा सकते हैं ऑनलाइन फार्म
काशीपुर। प्रदेश सरकार की ओर से गत दिवस विधानसभा में पारित किए गए देश के पहले समान नागरिकता विधेयक में वर्ष 2010 के बाद हुई शादियों का विधिवत पंजीकरण कराने की व्यवस्था की गई है।
वर्ष 2010 के बाद हुई शादियों का पंजीकरण कैसे कराएं इस बारे में अधिवक्ताओं ने बताया कि सब रजिस्ट्रार कार्यालय में यह पंजीकरण कराया जाता है। यूसीसी कानून पास होने के बाद दंपती को शादी का रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य होगा।
एडवोकेट भास्कर त्यागी ने बताया कि सब रजिस्ट्रार कार्यालय में विवाह का पंजीकरण होता है। उन्होंने बताया कि दंपती अपने आसपास किसी भी कैफे या जनसेवा केंद्र से ऑनलाइन फार्म भर सकते हैं। जिसके लिए उनके पार्षद या ग्राम प्रधानों के लेटरपैड से लिखा हुआ वैरिफिकेशन लगेगा। उसके बाद सब रजिस्ट्रार कार्यालय में रसीद कटा कर अपना पंजीकरण करा सकते हैं।
जहां पर साक्ष्यों के लिए शादी का कार्ड या अगर शादी मंदिर में हुई है, तो मंदिर की रसीद, दोनों के हाईस्कूल मार्कशीट व दोनों पक्षों से एक-एक गवाह लगेंगे। इसके बाद पंजीकरण पूरा हो जाएगा और विवाह का सर्टिफिकेट प्राप्त हो जाएगा। बताया कि पूरी प्रक्रिया में दो से तीन हजार रुपये लग सकते हैं। संवाद