काशीपुर। ब्रह्मलीन हुए मनमोहन अग्रवाल की आंखों से दो लोगों की दुनिया प्रकाशित होगी। उन्होंने नेत्रदान करके दो लोगों के जीवन में उजाला भरा है।
उनकी पत्नी सावित्री देवी, पुत्र अनुज, मनोज और राजीव के नेत्रदान की सहमति प्रदान करने से अब दिवंगत की आंखें दुनिया देखती रहेंगी। इससे उनके प्रियजन उनकी स्मृति को अमरत्व प्रदान करेंगे। राधेश्याम बिल्डिंग के सामने स्टेशन रोड निवासी मनमोहन अग्रवाल समाजसेवा व धार्मिक कार्यों में संलग्न रहे। यह सराहनीय कार्य भी उनके जीवन प्रवृत्ति के अनुरूप है। मनमोहन अग्रवाल के ब्रह्मलीन होने पर 29 जनवरी को वसुधैव कुटुम्बकम के दायित्वधारियों व संजय अग्रवाल की देखरेख में सीएल गुप्ता मुरादाबाद से नेत्र विभाग की टीम ने कागजी औपचारिकता पूरी कर शरीर से दान की गईं आंखें (कॉर्निया) प्राप्त कीं।