12 घंटे बाद मिला शव, पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा,
संवाद न्यूज एजेंसी
रुद्रपुर। संजयनगर खेड़ा में नशे की हालत में नाले में गिरने से राजमिस्त्री की मौत हो गई। सूचना पर पुलिस पहुंच कर शव को नाले से बाहर निकाला और पोस्टमार्टम के लिए भेजा। करीब 12 घंटे तक राजमिस्त्री का शव नाले में पड़ा रहा।
मूल रूप से शक्तिफार्म निवासी गुसाईं उर्फ मनोज (40) राजमिस्त्री का काम करता था। मंगलवार को उसे कुत्ते ने काट लिया और इलाज कराने के लिए वह खेड़ा स्थित अपनी बहन के घर आया। बहनोई मिताई के अनुसार बुधवार शाम को मनोज नशे की हालत में घर के नजदीक घूम रहा था और कुछ देर बाद वह लापता हो गया। परिजनों ने उसकी काफी खोजबीन की लेकिन कुछ पता नहीं चला। बुधवार सुबह करीब छह बजे आसपास के लोगों ने देखा तो घर के नजदीक मौजूद नाले में उसका शव पड़ा था। परिजनों की मदद से पुलिस ने शव को बाहर निकाला और पोस्टमार्टम के लिए भेजा। परिजनों ने बताया कि मृतक शादीशुदा था और उसके एक बेटा और दो बेटियां हैं। एसएचओ सुंदरम शर्मा का कहना है कि मौत के कारण की जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत का कारण स्पष्ट हो सकेगा।
फंदे पर लटका मिला मजदूर, आत्महत्या की आशंका
पत्नी के मायके जाने के बाद परेशान था श्रमिक
संवाद न्यूज एजेंसी
गदरपुर। एक मजदूर का शव संदिग्ध परिस्थितियों में कमरे में फंदे पर लटका मिला। अंदेशा जताया जा रहा है कि उसने आत्महत्या की है। वह अपनी पत्नी के मायके जाने के बाद से परेशान था। युवक मूल रूप से ग्राम भगड़िया मूर्तिंया जिला बहराइच का रहने वाला था। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए रुद्रपुर भेज दिया है।
बुुधवार की रात ग्राम हरिपुरा रूपपुर निवासी नरेंद्र मंडल (25) अपने कमरे में फंदे पर लटका मिला। सूचना पर पहुंचे पुलिस कर्मियों ने मौके पर पहुंचकर शव को नीचे उतारा। वहां से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। नरेंद्र के मामा देव राय ने बताया कि वह हरिपुरा रूपपुर में फार्म पर रहकर मेहनत मजदूरी कर परिवार का गुजर-बसर कर रहा था। करीब 15 दिन पहले उसका अपनी पत्नी प्रियंका के साथ झगड़ा हुआ था। रोजाना होने वाले लड़ाई झगड़े से आजिज होकर प्रियंका अपनी एक वर्ष की बेटी अनु को लेकर अपने मायके पूरनपुर चली गई थी। प्रियंका के मायके जाने के बाद नरेंद्र बदहवास सा रहने लगा था। नरेंद्र ने उसे फोन कर घर आने के लिए भी कहा था। वह चार भाइयों में तीसरे नंबर का था। उसके दो भाई निवारण और शिव शंकर बहराइच और एक भाई जगमोहन दिनेशपुर में रहते हैं।