पूर्व प्रधान महल सिंह की हत्या
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काशीपुर में महल सिंह की हत्या करने वाले शूटरों की पुलिस 13 दिन बाद भी शिनाख्त नहीं कर सकी है जबकि शूटर काशीपुर के चप्पे-चप्पे से वाकिफ थे। वारदात से पहले वह काशीपुर के बाजार में भी घूमे और घटना को अंजाम देने के बाद शॉर्टकट सड़क से यूपी में दाखिल हो गए। हरियाणा और पंजाब के पांच जिलों में पुलिस को शूटरों के फोटो दिखाने के बाद उत्तराखंड पुलिस की टीमें खाली हाथ लौट आईं हैं। अगले सप्ताह नए सिरे से शूटरों की तलाश की जाएगी।
ग्राम जुड़का निवासी पूर्व ग्राम प्रधान महल सिंह (64) की बीती 13 अक्तूबर को उनके घर पर गोलियों से भूनकर हत्या कर दी गई थी। मृतक के भतीजे कर्मपाल सिंह ने कनाडा में रह रहे ग्राम गुलजारपुर निवासी हरजिंदर सिंह उर्फ काले के खिलाफ शक के आधार पर केस दर्ज कराया है। केस का खुलासा करते हुए पुलिस ने इन शूटरों को शरण देने वाले और रेकी कराने के आरोप में एक महिला समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों में हरजिंदर का करीबी गुलजारपुर निवासी खनन कारोबारी प्रभजोत सिंह उर्फ पन्नू और केयरटेकर सेबी शामिल है।
आरोपी शूटरों की तलाश में पुलिस की छह टीमों ने बठिंडा, हिसार, मोगा, सालासर, सिरसा में दस दिनों तक खाक छानी। टीमों ने वहां सभी थानों में शूटरों के फोटो दिखाकर उनकी शिनाख्त कराने का प्रयास किया लेकिन पुलिस को कामयाबी नहीं मिल सकी है। इसके बाद पुलिस की सभी टीमें लौट आईं हैं। सर्विलांस डाटा से भी पुलिस को शूटरों तक पहुंचने में कोई मदद नहीं मिल रही है।
सूत्रों के अनुसार आरोपी शूटर काशीपुर की भौगोलिक स्थिति से भी वाकिफ बताए गए हैं। वारदात को अंजाम देने से पहले 13 अक्तूबर की सुबह वह चीमा चौराहे से कटोराताल की ओर गए। बाद में वह एमपी चौक होकर बाजार से बाहर निकल आए। कयास लगाया जा रहा है कि दोनों में कोई शूटर या तो काशीपुर का रहने वाला है या फिर वह काशीपुर में पहले भी आते-जाते रहे हैं।
अमरोहा क्षेत्र में मिली लावारिस बाइक
वारदात को अंजाम देने के बाद दोनों शूटर घटना में प्रयुक्त बाइक अमरोहा यूपी में छोड़कर फरार हो गए। यह बाइक वहां एक खेत में झाड़ियों में पड़ी मिली। अमरोहा पुलिस की मदद से पुलिस ने बाइक बरामद कर ली है। पुलिस बाइक को काशीपुर ले आई। बाइक के चेचिस और इंजन नंबर के आधार पर पुलिस उसके मालिक तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।