काशीपुर। ग्राम जुड़का निवासी पूर्व ग्राम प्रधान महल सिंह की हत्या के तार पंजाब से जुड़ते नजर आ रहे हैं। वारदात को अंजाम देकर फरार हुए बदमाशों की लोकेशन पंजाब में होना बताई गई है। आरोपियों की धरपकड़ के लिए पुलिस की दो टीमें पंजाब भेजी गई हैं। पुलिस ने शक के आधार पर नामजद किए गए एनआरआई के केयर टेकर से भी पूछताछ की है। उसका मोबाइल भी जांच के लिए कब्जे में लिया गया है।
कुंडेश्वरी क्षेत्र के ग्राम जुड़का निवासी पूर्व ग्राम प्रधान महल सिंह (64) पुत्र सिंगारा सिंह की 13 अक्तूबर की सुबह उनके ही घर के भीतर दो शूटरों ने हत्या की और फरार हो गए। सूचना पर डीआईजी डॉ. नीलेश आनंद भरणे और एसएसपी मंजूनाथ टीसी ने कोतवाली पहुंचकर घटना की जानकारी जुटाई। एसएसपी मंजूनाथ टीसी ने हत्याकांड के खुलासे के लिए एसपी क्राइम अभय प्रताप सिंह, रुद्रपुर कोतवाल विक्रम राठौर, झनकईयां थाना प्रभारी रविंद्र सिंह बिष्ट, एसआई अर्जुन गिरी गोस्वामी आदि को लगाया है। इनमें से तीन अधिकारी कुंडेश्वरी चौकी में बतौर एसआई तैनात रह चुके हैं। उनके साथ विवेचना अधिकारी एसएसआई प्रदीप मिश्रा, एसआई धीरेंद्र परिहार के अलावा एसओजी टीम को भी लगाया गया है। इस मामले में मृतक के भतीजे कर्मपाल सिंह ने कनाडा में रह रहे गुलजारपुर निवासी हरजिंदर सिंह उर्फ काले पर हत्या का संदेह जताते हुए मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस ने हरजिंदर सिंह के केयर टेकर से भी पूछताछ की। टीम उसका मोबाइल कब्जे में लेकर उसका डाटा चेक कर रही है। एसपी चंद्रमोहन ने बताया कि पुलिस की दो टीमें सर्विलांस और डाटा कलेक्शन पर लगाई गई हैं। ट्रेस करने पर बदमाशों की लोकेशन पंजाब मिली है। दोनों शूटर रामपुर से सिरसा होते हुए पंजाब की सीमा में प्रवेश हुए हैं। पुलिस टीमें बदमाशों की धरपकड़ के लिए पंजाब रवाना हो गई हैं।
ग्रीन सिग्नल के इंतजार में सड़कों पर टहलते रहे शूटर
काशीपुर। महल सिंह हत्याकांड में किसी स्थानीय व्यक्ति के शामिल होने की भी आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता है। सीसीटीवी फुटेज से क्लीयर हुआ है कि वारदात को अंजाम देने आए बदमाशों को लोकेशन की सही जानकारी नहीं थी। वह करीब एक घंटे तक सड़कों पर यूं ही घूमकर किसी से संपर्क करने का प्रयास करते रहे। इस दौरान वह आईएमएम संस्थान वाली रोड की ओर भी गए। फिर वहां से लौटकर ढकिया मार्ग गए। इसके बाद उन्होंने फिर आईआईएम वाली राह पकड़ी। चौथी बार में वह जुड़का रोड पहुंचे। आशंका जताई जा रही है कि किसी व्यक्ति से ग्रीन सिग्नल मिलने के बाद ही वह वारदात को अंजाम देने पहुंचे थे।
पंजाब के शूटरों को पनाह देने के लिए चर्चा में रहा है महल हत्याकांड का संदिग्ध
काशीपुर। महल सिंह हत्याकांड को लेकर चर्चा में आया व्यक्ति पूर्व में पंजाब से भागकर आए गैंगस्टरों को पनाह देने के मामले में चर्चा में रहा है। बीती 19 जुलाई, 2021 को कुमाऊं एसटीएफ और पंजाब की क्राइम पेट्रोल यूनिट ने संयुक्त ऑपरेशन चलाकर गुलजारपुर से मुठभेड़ के बाद तीन गैंगस्टरों को गिरफ्तार किया था। तीनों गैंगस्टर यहां एक फार्म हाउस में एक सप्ताह से छुपे थे। पुलिस ने इनके पास से 30 बोर की पिस्टल, 71 कारतूस और मैग्नम पिस्टल के खोखे बरामद किए थे। पकड़े गए बदमाश बठिंडा (पंजाब) निवासी संदीप उर्फ भल्ला, संगरूर (पंजाब) निवासी फतेह सिंह उर्फ युवराज और अमनदीप थे। पुलिस ने पनाह देने वाले की स्कार्पियो और गैंगस्टरों की एक कार भी कब्जे में ली थी।
महल हत्याकांड में सर्विलांस डाटा और मैनुअली साक्ष्य जुटाने के प्रयास किए जा रहे हैं। इस मामले में पुलिस की दक्ष टीमों को लगाया गया है। जल्द ही आरोपी गिरफ्तार कर लिए जाएंगे। -चंद्रमोहन सिंह, एसपी काशीपुर।