एक आरोपी को 25 आयुध अधिनियम में तीन वर्ष के अतिरिक्त कारावास से दंडित किया
काशीपुर। पट्टीकलां के पूर्व प्रधान खलील पहलवान हत्याकांड के तीनों दोषियों को प्रथम अपर जिला/सत्र न्यायाधीश विनोद कुमार ने आजीवन कारावास, 50-50 हजार जुर्माना और मृतक खलील अहमद की पत्नी को 50 हजार रुपये देने की सजा सुनाई है। हत्याकांड के एक दोषी को 25 आयुध अधिनियम में तीन वर्ष अतिरिक्त कारावास से दंडित किया है।
आदर्श नगर निवासी मेहरबान अली ने 15 जुलाई 2018 को बाजपुर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराकर कहा था कि 14 जुलाई को उसके पिता खलील अहमद शाम को घूमने निकले थे। शाम लगभग साढ़े छह बजे वह पेट्रोल पंप के पीछे स्थित आम के बाग में बैठे थे। तभी अचानक शहजाद आलम, जावेद आलम और मेहंदी उर्फ टिल्लू निवासी आदर्श नगर आए और उसके पिता से गाली गलौज करने लगे। इन लोगों की ओर से की गई अंधाधुंध फायरिंग में उसके पिता के सिर और सीने पर गोली लगी। इसके बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। मामले की जांच एसआई नासिर हुसैन को सौंपी गई। पुलिस ने तीनों आरोपियों को मय तमंचे के साथ गिरफ्तार कर लिया था।
अभियोजन ने वाद के समर्थन में कई गवाह परीक्षित कराए गए। प्रथम अपर जिला/ सत्र न्यायाधीश ने अभियोजन पक्ष की ओर से अतिरिक्त जिला शासकीय अधिवक्ता रतन कांबोज और बचाव पक्ष के अधिवक्ता की बहस सुनी। बचाव पक्ष के अधिवक्ता का तर्क था कि अभियुक्तों को झूठा और गलत फंसाया है। मृतक पर विभिन्न धाराओं के मुकदमे विचाराधीन हैं और उसकी कई लोगों से दुश्मनी है। प्रथम अपर जिला/सत्र न्यायाधीश ने अभियोजन अधिकारी और बचाव पक्ष के अधिवक्ता के तर्क को सुनकर आदर्श नगर सुल्तानपुर पट्टी निवासी शहजाद आलम, जावेद आलम और मेहंदी उर्फ की टिल्लू को आजीवन कारावास, 50-50 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई। इसके अलावा 50 हजार रुपये मृतक की पत्नी को देने का आदेश दिया। शहजाद आलम को आयुध अधिनियम में 3 वर्ष का अतिरिक्त कारावास व पांच हजार जुर्माना से दंडित किया।