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चर्चित सर्वेश्वरी कालोनी कांड : तीन डकैतों को उम्रकैद

Fri, 01 Sep 2023 01:02 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
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रुद्रपुर। पांच साल पहले सर्वेश्वरी कालोनी में हुई चर्चित डकैती और निर्ममता से हुई महिला की हत्या मामले में द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश ने तीन आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने तीनों दोषियों पर 10,000-10,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना अदा नहीं करने पर एक-एक साल का अतिरिक्त कारावास भोगना पड़ेगा। न्यायालय में सुनवाई के दौरान एक आरोपी के गैर हाजिर होने की वजह से उसकी पत्रावली को अलग कर दिया गया था।
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23 जून 2018 को अमित शेखर ने ट्रांजिट कैंप थाने में दी तहरीर में कहा था कि उसकी बहन अपर्णा प्रिया, अपने पति पंकज कुमार श्रीवास्तव और दो बच्चों के साथ वी-18 मां सर्वेश्वरी इन्कलेव गंगापुर रोड में रहती थी। 22 जून की रात उसकी बहन, बहनोई एवं डेढ़ साल की भांजी अक्षिता श्रीवास्तव अपने मकान में सो रहे थे जबकि दूसरी बेटी नानी के घर गई थी। आधी रात को बदमाश मकान के किचन की खिड़की की ग्रिल निकालकर अंदर घुस गए और कमरे में सो रहे तीनों लोगों को मारपीट कर घायल कर दिया था। 23 जून की सुबह पड़ोसियों ने घर पर जाकर देखा तो तीनों लोग घर के बेडरूम में बेहोशी की हालत में लहूलुहान हालात में मिले थे। इस दौरान उसकी बहन की मृत्यु हो चुकी थी। उन्होंने अपने परिचित के साथ बहनोई पंकज कुमार श्रीवास्तव एवं भांजी अक्षिता को अपने निजी वाहन से मेडिसिटी अस्पताल में भर्ती कराया था। बदमाश उनके घर से सामान चोरी कर ले गये हैं। पुलिस ने अज्ञात बदमाशों के हत्या और डकैती का केस दर्ज किया था।
आठ सितंबर को केदार निवासी ग्राम रंपुरा थाना पसगवा जिला लखीमपुर खीरी, बचराम उर्फ लीची निवासी ग्राम ईसापुर थाना निगोही शाहजहांपुर, खेम उर्फ खिम्मा निवासी ग्राम मिलकिया थाना निगोही शाहजहांपुर, राम सिंह निवासी ग्राम रावतपुर थाना सिंधौली शाहजहांपुर को आटामांडा रेलवे स्टेशन के पास से गिरफ्तार कर लूटे गए आभूषण बरामद किए थे। मामले में लाला दलगजन और रामनाथ की लिप्तता भी सामने आई थी। 28 नवंबर को न्यायालय में जेल में बंद चारों आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किए गए थे।
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मामले की सुनवाई द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश शादाब बानो की अदालत में हुई थी। एक आरोपी केदार के जमानत लेने के बाद गैर हाजिर होने पर उसकी पत्रावली अलग कर दी गई थी। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता (दांडिक) अनिल कुमार सिंह ने साक्ष्यों के साथ 16 गवाहों को पेश कर दोष सिद्ध कर दिया। जिसके बाद न्यायालय ने राम सिंह, खेम, बचराम को डकैती के जुर्म में सात-सात साल का कठोर कारावास और डकैती के दौरान हत्या के जुर्म में कठोर आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
ढाई साल की बच्ची को भी नहीं छोड़ा था
रुद्रपुर। घर पर डकैती के दौरान डकैतों को दंपती के अलावा ढाई साल की मासूम पर रहम नहीं आया था। उन्होंने बच्ची पर भी वार कर घायल कर दिया था। घटना वाली रात कालोनी में बिजली नहीं होने की वजह से आधी रात तक लोग जगे थे। लेकिन खौफनाक वारदात की जानकारी सभी को अगले दिन सुबह हुई थी। घटना में घायल पंकज को आईसीयू में रखा गया था। संवाद
घटना के कुछ समय बाद रुद्रपुर से चले गए थे पंकज
रुद्रपुर। सर्वेश्वरी कालोनी में रहने वाले पंकज श्रीवास्तव रुद्रपुर में ही एक कंपनी में प्रोडक्शन मैनेजर थे। वह परिवार के साथ हुई घटना से बेहद व्यथित हो गए थे। इलाज के बाद ठीक होने पर उन्होंने कुछ समय कंपनी में काम किया था और फिर यहां से चले गए थे। उनके मित्र ने बताया कि कुछ महीने पहले ही पंकज ने रुद्रपुर में किसी कंपनी में ज्वाइन किया है। संवाद
ढाई महीने बाद हत्थे चढ़े थे डकैत
रुद्रपुर। खौफनाक डकैती कांड को सुलझाने के लिए पुलिस के पसीन छूट गए थे। इस मामले में 400 से अधिक संदिग्धों से पूछताछ की गई थी और राजस्थान, यूपी सहित तमाम राज्यों की खान छानी गई थी। पुलिस ने डकैती में लिप्त छैमार, भातु, बावरिया, पारदी गैंग के बदमाशों की लोकेशन तक खोजी थी। डकैतों के बारे में जानकारी जुटाने के लिए पुलिस टीम ने बावरिया गिरोह पर बनी थिरन फिल्म भी देखी थी। 17 दिन पहले इसी तरह की घटना हल्द्वानी में पांच जून 2018 को हुई थी। इसके बाद दोनों जिलों की पुलिस ने संयुक्त रूप से कार्रवाई की थी। संवाद
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