काशीपुर। पति की हत्या करने की दोषी महिला को द्वितीय एडीजे कोर्ट ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने उस पर 20,000 रुपये का जुर्माना भी डाला है। जुर्माना अदा न करने पर महिला को छह माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी। कोर्ट ने हत्या के दूसरे आरोपी को साक्ष्यों के अभाव में दोषमुक्त कर दिया।
26 अप्रैल 2017 को ग्राम हमीरपुर थाना टांडा, रामपुर निवासी संतराम ने कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसका भाई पृथ्वी सिंह कई वर्षों से अलीगंज रोड पर फसियापुरा में रेनू नाम की महिला के साथ बतौर पति रहता था। उसकी एक नाबालिग पुत्री भी थी। उसने कई बार अपने भाइयों को बताया कि दोनों मां-बेटी उसे परेशान करतीं हैं। 24 अप्रैल 2017 को पृथ्वी सिंह ने अपने हिस्से की जमीन 14,45,000 रुपये में बेची थी।
उसकी पुत्री का मानपुर रोड निवासी हरप्रीत से प्रेम प्रसंग चल रहा था। रेनू उन दोनों का रिश्ता कराने पर सहमत थी जबकि पृथ्वी इस रिश्ते का विरोध कर रहा था। किशोरी पहले भी हरप्रीत के साथ भाग चुकी थी। 26 अप्रैल 2017 को उसके भाई चंद्रपाल ने फोन पर सूचना दी कि पृथ्वी की हत्या कर दी गई है। इस सूचना पर वह अपने भाई के घर फसियापुरा पहुंचे तो वहां पृथ्वी सिंह का शव पड़ा था। उसके मुंह और शरीर पर चोट के निशान थे। घर में उसकी पत्नी और पुत्री नहीं थे। तहरीर पर पुलिस ने रेनू, उसकी नाबालिग पुत्री और मानपुर निवासी हरप्रीत के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया था।
विवेचना तत्कालीन एसएसआई वीरेंद्र रमोला ने की। पुलिस ने रेनू को गिरफ्तार कर उसकी निशानदेही पर 12,48,000 रुपये बरामद किए। पुलिस ने एक माह बाद दूसरे आरोपी हरप्रीत और उसकी नाबालिग प्रेमिका को भी पकड़ा था। इस मामले में दो आरोपियों के खिलाफ 26 जुलाई 2017 को अभियोग पत्र प्रस्तुत किया गया जबकि तीसरी आरोपी के खिलाफ मामला किशोर न्यायालय में लंबित है। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से सत्रह गवाहों को परीक्षित कराया गया। अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी एडीजीसी अनिल कुमार सिंह ने की।
संबंधित पक्षों को सुनने और पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन कर द्वितीय एडीजे विनोद कुमार ने आरोपी रेनू को पति की हत्या का दोषी ठहराया, जबकि दूसरे आरोपी हरप्रीत को दोषमुक्त कर दिया। हरप्रीत की ओर से पैरवी बचाव पक्ष के अधिवक्ता शैलेंद्र मिश्रा ने की। अदालत ने रेनू को आजीवन कारावास और 20,000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।