काशीपुर। नववर्ष के उपलक्ष्य में साहित्य दर्पण की मासिक काव्य गोष्ठी में कवियों ने अपनी रचना सुनाकर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
साहित्य दर्पण के अध्यक्ष जितेंद्र कटियार ने अपनी रचना में - बीत गया जो साल उसे अब हंसकर विदाई दें। कैलाश यादव ने - दिल तोड़ के ना जइयो फुर्सत में कभी अइयो बेकरार बालमा। विनीता कुशवाहा ने ‘जहां गणपति भक्ति में डूबे’। ओमशरण आर्य चंचल ने ‘बच्चे थोड़ा बहुत कमाने लगते हैं’ और सुरेंद्र भारद्वाज ने ‘सिर्फ बीज बोने से काम नहीं चलता’ रचनाएं पढ़कर काव्य गोष्ठी को चार चांद लगा दिए। इस मौके पर वरुण कटियार, पूनम शर्मा, सुरेंद्र भारद्वाज आदि मौजूद रहीं। बृहस्पतिवार को सिटी पार्क कॉलोनी में आयोजित काव्य गोष्ठी की अध्यक्षता हेमचंद्र जोशी और संचालन ओमशरण चंचल ने किया।