काशीपुर। नशा मुक्त उत्तराखंड अभियान के तहत पुलिस के हाथ बड़ी सफलता लगी है। पुलिस को उत्तराखंड में इस वर्ष की सबसे अधिक मात्रा में 502.20 ग्राम स्मैक बरामद करने में कामयाबी मिली है। स्मैक की कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार में 60 लाख रुपये से अधिक आंकी गई है। एसएसपी ने पुलिस टीम को दो हजार रुपये नकद इनाम देने की घोषणा की है।
बुधवार को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मंजूनाथ टीसी ने कोतवाली में पुलिस अधीक्षक अभय सिंह और सीओ वंदना वर्मा की मौजूदगी में 502.20 ग्राम स्मैक की खेफ बरामद करने का खुलासा किया है।
उन्होंने बताया कि यह राज्य में इस साल की सबसे बड़ी स्मैक की खेफ पकड़ी गई है। एसएसपी ने बताया कि नगर के गली मोहल्लों में स्मैक बेचने की घटना से पुलिस परेशान है। स्मैक बेचने वाले गिरोह को पकड़ने के लिए प्रभारी निरीक्षक मनोज रतूड़ी के नेतृत्व में टीम गठित की गई जिसमें शामिल उप निरीक्षक प्रदीप मिश्रा ने मुखबिरों की सूचना पर स्मैक बेचने वाले गिरोह का पता लगाया।
मंगलवार रात पुलिस को पता चला कि एक व्यक्ति बड़ी मात्रा में स्मैक लेकर आ रहा है। टीम ने ढेला पुल के पास एक संदिग्ध को पकड़ा। तलाशी में उसके पास से 502.20 ग्राम स्मैक और 15 हजार रुपये बरामद हुए। पूछताछ में उसने अपना नाम अमरूद्दीन निवासी ग्राम अगरास थाना फतेहगंज (बरेली) बताया।
बताया कि पुलिस ने आरोपी को एनडीपीएस में गिरफ्तार कर लिया। अन्य आरोपियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जा रही है।
टीम में उप निरीक्षक नवीन बुधानी, एसआई कंचन पडलिया, एसआई देवेंद्र सामंत, कांस्टेबल प्रेम खनवाल, गौरव सनवाल, सुरेंद्र सिंह, रिचा तिवारी, एसपीओ माजिद शामिल रहे।
महिला तस्कर बरेली में बैठकर चला रही गिरोह
काशीपुर। नगर की पुष्प विहार कॉलोनी निवासी महिला गिरोह की सरगना है। पहले वह काशीपुर में स्मैक का धंधा चलाती थी। अब वह परिवार के साथ बरेली में बैठकर स्मैक की तस्करी में लिप्त है। एसएसपी मंजू नाथ टीसी ने बताया कि पुष्प विहार कॉलोनी निवासी महिला स्मैक तस्करी में कई बार काशीपुर और बरेली से जेल जा चुकी है। उसके इस धंधे में पति और बेटी, ग्राम बैलजुड़ी निवासी एक रिश्तेदार महिला भी शामिल हैं। महिला की बेटी स्मैक के लेन-देन का हिसाब-किताब रखती है। मां की गैरमौजूदगी में वह लोगों को स्मैक भी बेचती है।
तस्कर अमरूद्दीन की पत्नी भी करती है मदद
गिरफ्तार अमरूद्दीन ने बताया कि उसकी पत्नी भी स्मैक के धंधे में मदद करती है। अमरूद्दीन के अनुसार उसे इसी महिला ने स्मैक के धंधे में ढकेला है। एक बार उसे रुपयों की जरूरत पड़ी तो महिला ने उसे रुपये दिए। महिला ने यहां गली मोहल्लों में स्मैक को पुड़िया बनाकर बेचने वाले कमीशन एजेंट भी नियुक्त कर रखे हैं।
आरोपियों के घरों पर चल सकता है बुलडोजर
काशीपुर। एसएसपी ने बताया कि सीएम ने नशा मुक्त उत्तराखंड बनाने का संकल्प लिया है। गिरफ्तार स्मैक तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर जेल भेजने और स्मैक तस्करी से जोड़ी गई संपत्ति को भी ध्वस्त किया जा सकता है।