हरिद्वार से कांवड़ लेकर खटीमा की तरफ जा रहे कांवड़िए कांवड़ पर तारकोल के छीटे पड़ने से आक्रोशित हो उठे। कांवड़ियों ने हाईवे पर जाम लगाकर नारेबाजी शुरु कर दी। सूचना मिलते ही प्रतापपुर चौकी के पुलिस कर्मी मौके पर पहुंच गए।
एनएच के इंजीनियर द्वारा माफी मांगने पर आक्रोशित कांवड़ियों ने आधे घंटे बाद जाम खोल दिया।
शनिवार को हरिद्वार से कांवड़ में गंगाजल लेकर जलाभिषेक करने रामनगरा पीलीभीत के शिवभक्त लौट रहे थे। सड़ासड़िया के समीप सड़क किनारे खेत में बोरिंग चलता देख कांवड़िये अपनी कांवड़ रख मुंह हाथ धोकर सुस्ता रहे थे।
समीप ही एनएच 51 का टू लेन का मार्ग निर्माण के चलते रोड पर मशीन से तारकोल फेंका जा रहा था। मशीन से गर्म तारकोल के छींटे कई कांवड़ों पर भी पड़ गए। इससे भड़के सैकड़ों कांवड़ियों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए जाम लगा दिया।
यह देख मशीन पर कार्य कर रहा ड्राइवर वहां से खिसक लिया। जाम से एनएच के दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग गई। सूचना मिलते ही प्रतापपुर चौकी इंचार्ज वीरेंद्र पाल पुलिस कर्मियों के साथ मौके पर पहुंच गए और कांवड़ियों को समझाने का प्रयास किया।
एनएच निर्माण की कार्यदायी संस्था एचजी इन्फ्रा के इंजीनियर सरवन कुमार ने कांवड़ियों से कर्मी की लापरवाही पर माफी मांगी। जिसके बाद कांवड़िये शांत हुए और गंतव्य को रवाना हो गए। जाम लगाने वालों में शिव कांवर संघ रामनगरा के रवि बाईन, बाबू मिस्त्री, सुभलदास, राकेश विश्वास, निर्मल मंडल, अजल साना, सागर विश्वास, सुनील दास, साधन घली, बाबू मिस्त्री, बिशो राय आदि थे।