खटीमा। उत्तराखंड का पहला ईको टूरिज्म जोन एक बार फिर पर्यटकों से गुलजार होगा। वन विभाग ने पर्यटकों के लिए जंगल सफारी दोबारा शुरू कर दी है। शीघ्र ही गाइड को वन विभाग की ओर से प्रशिक्षण दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिहं धामी के ड्रीम प्रोजेक्ट में से एक रहे तराई पूर्वी वन प्रभाग के सुरई वन क्षेत्र स्थित ईको टूरिज्म जोन में बरसात के बाद पर्यटकों की आवक कम होने से जुलाई से अक्तूबर तक जंगल सफारी बंद थी। अब पर्यटकों की आवाजाही बढ़ने से वन विभाग ने फिर से जंगल सफारी भी शुरू कर दी है। यह इको टूरिज्म जोन 180 वर्ग किमी क्षेत्र में फैला हुआ है। जिप्सी में बैठकर पर्यटक सुंदर चारागाहों, सुरम्य जंगलों, घास के मैदान, शारदा नहर के साथ ही भालू, चीतल, गुलदार, पैंगोलिन, सांभर, काकड़ आदि वन्यूजीवों के दीदार कर सकते हैं। इस संबंध में सुरई रेंज के वनक्षेत्राधिकारी आरएस मनराल बताते हैं कि 30 जून 2024 तक करीब सात माह के लिए पर्यटकों के लिए जंगल सफारी खुली रहेगी। उन्होंने कहा कि शीघ्र ही गाइडों के लिए प्रशिक्षण भी आयोजित किया जाएगा।
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बढ़ाई जाएगी जिप्सी की संख्या
खटीमा। सुरई ईको टूरिज्म जोन में वर्तमान में तीन जिप्सी पंजीकृत हैं। इनमें से दो का नवीनीकरण हाल ही में किया गया है। वन क्षेत्राधिकारी आरएस मनराल कहते हैं टूरिज्म जोन में जंगल सफारी के लिए जिप्सी की संख्या बढ़ाई जाएगी। इसके लिए आवेदन मांगे गए हैं। संवाद