तहसील के सामने लगे खोखा-फड़ों पर शनिवार को प्रशासन की जेसीबी गरजी। एसडीएम ने जेसीबी के माध्यम से पक्के खोखे और टीनशेड ढहा दिए। इससे खोखा-फड़ व्यवसायियों का सारा सामान तहस नहस हो गया। व्यवसायियों को बिना पूर्व सूचना के अचानक अतिक्रमण हटाने से नुकसान उठाना पड़ा। एसडीएम ने बताया रातों रात टीनशेड व खोखा बनाकर अतिक्रमण किया जा रहा था। हिदायत देने के बाद भी अतिक्रमणकारी नहीं माने। अतिक्रमण हटाने के दौरान प्रशासन को व्यवसायियों का विरोध भी झे
लना पड़ा।
शनिवार को एसडीएम एपी बाजपेयी ने राजस्व टीम के साथ सनातन धर्म मंदिर के सामने सुभाष गुप्ता के खोखे को ध्वस्त कर दिया। इससे खोखा व्यवसायियों में खलबली मच गई।
इसके बाद टीम ने तहसील गेट के सामने बनाए गए खोखे जेसीबी से ढहा दिए।
जिससे ठेला स्वामी वार्ड चार निवासी इब्ने हसन, अली मोहम्मद , बली हसन व खोखा स्वामी वार्ड पांच निवासी राम विलास एवं वार्ड दो निवासी सोहन लाल आर्य का सभी सामान तहस नहस हो गया। कोल्हू मशीन भी गिरा दी। अचानक अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई से व्यापारियों में आक्रोश फैल गया और उन्होंने एसडीएम के समक्ष आक्रोश जताया।
एसडीएम ने कहा कि पिछले 15 दिनों से तहसील के सामने पक्के निर्माण कराकर अतिक्रमण करने का प्रयास किया जा रहा है। टीम में तहसीलदार रमेश चंद्र गौतम, नायब तहसीलदार एमएस बिष्ट, पटवारी राम अवतार आदि थे।
प्रशासन पर लगाया जबरन उजाड़ने का आरोप
प्रांतीय नगर उद्योग व्यापार मंडल ने पीड़ित खोखा व्यवसायियों के साथ प्रशासन के विरोध में अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है।
पूर्व विधायक नारायण पाल एवं बसपा नेता नवतेज पाल सिंह ने तहसील पहुंचकर व्यापारियों के धरने का समर्थन किया और पीड़ित व्यवसायियों को मुआवजा देने की मांग की। व्यापारियों ने आरोप लगाया कि कुछ तथाकथित लोगों के कहने पर प्रशासन ने गलत तरीके से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की।
शनिवार की दोपहर प्रशासन द्वारा अतिक्रमण हटाने से आक्रोशित खोखा फड़ व्यवसायी व्यापार मंडल महामंत्री राजीव गुप्ता व बसपा नेता नवतेज पाल सिंह के नेतृत्व में धरने पर बैठ गए। कहा कि प्रशासन ने हठधर्मिता दिखाते हुए बिना किसी सूचना के कुछ लोगों के खोखे बुरी तरह तहस नहस कर दिए।
जिसमें बुजुर्ग और महिला बाल-बाल बचे। जबकि, तहसील गेट पर ही उसके बराबर में लगे खोखे नहीं हटाए गए। कहा कि जब तक सनातन धर्म मंदिर के आगे से हटाए गए सुभाष गुप्ता के खोखे एवं तहसील के सामने बैठे खोखा व्यवसायियों को न्याय व मुआवजा नहीं मिलता धरना जारी रहेगा।
वहां पर भीष्म नारायण विद्रोही, इब्ने हसन, अली मोहम्मद, बली हसन, राम विलास, कमला देवी, सुभाष गुप्ता, दीपक, नंद किशोर गुप्ता आदि थे।
खोखा टूटने पर रो पड़ी व्यवसायी की पत्नी
सितारगंज। प्रशासन द्वारा अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के बाद बुरी तरह ध्वस्त खोखा व तहस-नहस सामान को देख सोहन लाल आर्य की पत्नी कमला देवी रोने लगी। रोते-रोते कमला ने बताया कि उसका पति यहां करीब 20 सालों से भोजन का ठेला लगा रहा है। उसका परिवार अत्यंत निर्धन है।
तीन बेटों और एक बेटी को गरीब हालात में पढ़ा रहे हैं और जैसे-तैसे परिवार का भरण पोषण हो रहा है।
बड़ा बेटा दीपक आर्य (20) सिडकुल में नौकरी करता है। उससे छोटे संजय आर्य (19) राजकीय महाविद्यालय सिसौना में बीए में अध्ययनरत है। बेटी ऊषा (17) राबाइका में इंटर की छात्रा है और छोटा बेटा अमित (15) हाईस्कूल में पढ़ रहा है। प्रशासन द्वारा उन्हें उजाड़ देने से उसके परिवार के समक्ष रोजी-रोटी की समस्या आ खड़ी हुई है। ब्यूरो