रुद्रपुर। किच्छा के रजपुरा गांव में 40 एकड़ जमीन पर 2580 कैदियों के लिए बन रही हाईटेक जेल का निर्माण शासन के निर्देश पर जिला प्रशासन ने रुकवा दिया है। जेल का निर्माण आधा हो चुका है और अब तक इस पर 29 करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं। अधिकारिक रूप से निर्माण कार्य रोके जाने की वजह साफ नहीं हो सकी है लेकिन शासन के निर्देश पर अचानक निर्माण कार्य रुकवाना गले से नहीं उतर रहा है। डीएम उदयराज सिंह ने बताया कि शासन की ओर से जेल निर्माण का कार्य रोकने के निर्देश आए था। इसी बेस पर अगले आदेशों तक निर्माण कार्य रोका गया है।
जेल में क्षमता से अधिक कैदी... जिले के सितारगंज में सेंट्रल जेल है। इसके अलावा कहीं जेल नहीं होने के कारण अपराधियों को हल्द्वानी जेल भेजा जाता है। हल्द्वानी जेल में भी क्षमता से अधिक कैदी रखे जाते हैं। इसको देखते हुए किच्छा के रजपुरा गांव में अत्याधुनिक जेल बनाने का फैसला किया गया था। सिंचाई विभाग ने 26 जुलाई 2021 को निर्माण शुरू किया।
ये निर्माण होने हैं... अत्याधुनिक जेल निर्माण का निर्माण दो चरणों में होना है। पहले चरण में 480 कैदियों के लिए जेल बन रही है। पहले चरण के लिए स्वीकृत 48 करोड़ रुपये से तीन पुरुष बैरक, एक महिला बैरक, एक एडल्ट बैरक, 30 बैड का हॉस्पिटल, 30 कैदियों के लिए आइसोलेशन सेल, पांच टावर और एक वाटर टैंक के अलावा अधिकारी, कर्मचारियों के लिए 42 आवास बनाए जाने हैं।
डबल स्टोरी में भी खड़े किए जा चुके हैं कॉलम
रुद्रपुर। किच्छा के रजपुरा में अत्याधुनिक जेल के लिए एक मंजिल भवन निर्माण के बाद दूसरी मंजिल पर कॉलम भी खड़े कर दिए हैं। इसके अलावा अन्य जगह पर भी छोटे-छोटे निर्माण हो रहे हैं। जिला प्रशासन की रोक के बाद निर्माण बंद है, निर्माण कार्य में लगाए श्रमिक भी वहां नहीं है। केवल सुरक्षा के लिए गार्ड तैनात हैं।
जेल निर्माण का 45 फीसदी कार्य हो चुका है और 48 करोड़ रुपयों में से 29 करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं। अधिशासी अभियंता ने प्रशासन की ओर से कार्य रुकवाना है। निर्माण रोकने को लेकर कोई आधिकारिक पत्र नहीं मिला है। स्थिति स्पष्ट नहीं हो पा रही है। जेल महानिरीक्षक को पत्र भेजकर पूछा जा रहा है कि काम बंद शुरू किया जाए या बंद रखा जाए। प्रमोद दीक्षित, अधीक्षण अभियंता, सिंचाई विभाग
जिला प्रशासन ने जेल निर्माण का कार्य रोकने के लिए लिखित में भेजा है। इसको लेकर रिपोर्ट शासन को भेजकर मार्गदर्शन मांगा जा रहा है। शासन के निर्देश पर ही अगली कार्रवाई की जाएगी। - विमला गुंज्याल, आईजी कारागार