इलाज के लिए घायलों ने इमरजेंसी के सामने लेटकर किया प्रदर्शन
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काशीपुर में लेनदेन के विवाद में घायल पिता-पुत्र सरकारी अस्पताल में भर्ती नहीं किया गया। इस पर विरोध स्वरूप घायलों ने परिजनों के साथ इमरजेंसी कक्ष के सामने लेट कर प्रदर्शन किया। बाद में सीएमएस के निर्देश पर घायलों का इलाज शुरू हो सका।
ग्राम प्रतापपुर निवासी घायल इशरत अली ने बताया कि दो साल पहले एक व्यक्ति से उसने ढेला पुल के पास करीब 30 लाख रुपये में जमीन खरीदी थी। कब्जा लेने गए तो पता लगा कि यह जमीन किसी अन्य व्यक्ति के नाम भू-अभिलेखों में दर्ज है। रुपये वापस मांगने पर विक्रेता टरकाता रहा। आरोप है कि शनिवार सुबह रकम मांगने पर उसने अपने सहयोगियों की मदद से उस पर हमला कर दिया। बीच-बचाव में आए उसके दोनों पुत्रों साहिल व माहिर पर भी हमला कर घायल कर दिया। घायलों ने मामले की सूचना पुलिस को दी। सूचना पर एबुलेंस 108 ने घायलों को एलडी भट्ट राजकीय उप जिला चिकित्सालय पहुंचाया।
उन्होंने आरोप लगाया कि अस्पताल में मौजूद डॉक्टर भर्ती करने में आना कानी करते रहे। काफी समय तक उन्हें भर्ती कराने के लिए परिजन एक से दूसरे कक्ष भटकते रहे लेकिन सफलता नहीं मिल रही थी। थक हार कर घायल इमरजेंसी कक्ष के बाहर ही लेट गए। सूचना पर बसपा नेता एमए राहुल, कांग्रेस नेता राशिद फारुकी, अफसर अली, शफीक अंसारी समेत कई लोग अस्पताल पहुंच गए। उन्होंने इस संबंध में अस्पताल प्रशासन से वार्ता की। सीएमएस के निर्देश पर घायलों को काफी देर बाद अस्पताल में भर्ती कर इलाज शुरू किया गया।
दो पक्षों के विवाद में एक पक्ष के लोग घायल होकर अस्पताल आए थे। सर्जन ने भी देखा था। सीटी स्कैन के लिए रेफर किया गया था। फिर अस्पताल में ही भर्ती कर इलाज किया गया।
- डॉ. खेमपाल, सीएमएस, एलडी भट्ट राजकीय उप जिला चिकित्सालय, काशीपुर