इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) ने की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
काशीपुर। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) ने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों से पलायन का एक बड़ा कारण स्वास्थ्य समस्या भी है। पर्वतीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत कर पलायन रोकने में मदद मिल सकती है। उन्होंने 50 से कम बेड वाले अस्पतालों को क्लीनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट के दायरे से बाहर करने की मांग की है।
रविवार को रामनगर रोड स्थित आईएमए हॉल में आयोजित पत्रकार वार्ता में आईएमए ने 50 से कम बेड वाले नर्सिंग होम और अस्पतालों को पंजीकरण शुल्क में छूट देने पर सीएम पुष्कर सिंह धामी का आभार व्यक्त किया। प्रदेश अध्यक्ष डॉ. चंद्रशेखर जोशी ने कहा कि फैसला स्वागत योग्य है लेकिन क्लीनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट के नियमों के चलते सभी निजी अस्पतालों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने सीएम से राज्य की भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए 50 एवं इससे कम बेड वाले अस्पतालों को एक्ट के दायरे से बाहर रखने, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के तहत ईटीपी व एसटीपी व्यवस्था में छूट देने की मांग की। साथ ही बायो मेडिकल वेस्ट के निस्तारण में बार कोडिंग के नाम पर हो रहे गोरखधंधे को बंद कराने, चिकित्सकों व निजी अस्पतालों की सुरक्षा के लिए महामारी एक्ट जारी रखने को कहा। अग्निशमन अधिनियम के तहत अस्पतालों के लिए बनाए कानूनों को शिथिल करने की मांग की। वहां पर आईएमए के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अरविंद शर्मा, डॉ. सुनेश चौहान, डॉ. रवि सहोता, डॉ. नक्षत्र अग्रवाल, डॉ. यशपाल सिंह रावत, डॉ. एके बंसल, डॉ. बीएम गोयल, डॉ. रजत गुप्ता आदि मौजूद रहे।