सुलतानपुर पट्टी चौकी पुलिस ने लीसा तस्करी के अनोखे मामले का पर्दाफाश किया। पुलिस टीम ने चेकिंग के दौरान टूरिस्ट बस से 348 टिन अवैध लीसे के साथ चार आरोपियों को गिरफ्तार किया। बरामद लीसे की कीमत 10.50 लाख रुपये बताई जा रही है। आरोपियों के खिलाफ वन अधिनियम की धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। बस मालिक का अब तक पता नहीं चल सका है। बुधवार सुबह सुल्तानपुर पट्टी पुलिस चौकी प्रभारी सुरेंद्र सिंह टीम के साथ हाईवे पर चेकिंग कर रहे थे। इसी दौरान पुलिस को एक टूरिस्ट बस संख्या यूके 12पी बी 0381 आती दिखी। बस के भीतर केवल चार लोग दिख रहे थे। पुलिस ने बस की तलाशी ली तो उसकी सभी सीटों की गद्दियां उखड़ी मिली। उनके स्थान पर काली पन्नी बिछीं थी। उन्हें हटाने पर लीसे के कनस्तर मिले। पुलिस ने दस्तावेज दिखाने को कहा तो आरोपी लीसे के परिवहन का वैध रवन्ना, लाइसेंस और बस के कागजात नहीं दिखा पाए। पूछताछ में बस चालक मनोज सिंह निवासी हाउस नंबर-215, बिठौरिया नंबर-1, थाना मुखानी, हल्द्वानी ने बताया कि लीसा मनोज रावत का है और उन चारों की कमीशन पर पार्टनरशिप है। इसे द्वाराहाट, अल्मोड़ा से भरकर पुलभट्टा टोल प्लाजा के पास पप्पू पाठक की पालम सिटी, हल्द्वानी स्थित उत्तरांचल टरपीन प्रोडक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड में ले जाया जा रहा था। माल सुरक्षित पहुंचाने के बाद कमीशन का बंटवारा होना था। पकड़े गए अन्य आरोपियों में भवान सिंह निवासी ग्राम देवली, थाना लमगड़ा, अल्मोड़ा, हेमचंद्र महतोलिया निवासी गांधीनगर नंबर-2, बिंदुखत्ता, लालकुआं और पान सिंह निवासी ग्राम जैती, थाना लमगड़ा, अल्मोड़ा शामिल हैं। ऋषिकेश, नजीबाबाद होकर लाए बस पुलिस के अनुसार आरोपी द्वाराहाट से लीसा लेकर गढ़वाल मंडल के रास्ते काशीपुर पहुंचे। इस दौरान तस्कर बस को चौखुटिया, गैरसैंण होते हुए कर्णप्रयाग लेकर गए। यहां से ऋषिकेश, नजीबाबाद, धामपुर, जसपुर, काशीपुर होते हुए पुलभट्ठा की तरफ जा रहे थे। कई रूटों से होकर बस के बिना चेकिंग सुल्तानपुर पट्टी तक पहुंचने से पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं। हालांकि पुलिस की मानें तो तस्करी का यह अपनी तरह का पहला मामला है। इससे पूर्व हल्द्वानी स्टेट हाईवे पर बीते 22 जुलाई को वन विभाग टीम ने 480 टिन अवैध लीसा पकड़ा था, तब आरोपी उसे कैंटर से लेकर आ रहे थे। अवैध लीसे सहित गिरफ्तार किए गए चारों आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। बस मालिक के बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है। - अखलेश कुमार, सीओ