काशीपुर आईआईएम में आयोजित वार्षिक एचआर कॉन्क्लेव समन्वय 2023 में मंचासीन अतिथि। संवाद
काशीपुर। भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) ने वार्षिक एचआर कॉन्क्लेव समन्वय 2023 के दौरान ह्यूमन रेनेसां-अनलीशिंग द पावर ऑफ ऑटोमेशन कार्यक्रम किया। इसमें वक्ताओं ने मानव संसाधन (एचआर) की चुनौतियां बता व्यक्तिगत कौशल के विवेकपूर्ण उपयोग पर जोर दिया। कहा कि मशीन लर्निंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) ने एचआर प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित किया है। यह नियुक्ति संबंधी निर्णय लेने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
संस्थान परिसर में शुक्रवार को आयोजित समन्वय के नए संस्करण में ऑटोमेशन रिवोल्यूशन अनलॉकिंग द एचआर इनसाइट्स विषय चर्चा का केंद्र रहा। वक्ताओं ने ऑटोमेशन और रोबोटिक्स क्रांति के उभरते आयाम बताए। वक्ताओं ने कहा कि एचआर प्रबंधक पुन: कौशल कार्यक्रम विकसित करने की तैयारी में हैं। ऐसे में यह सक्रिय दृष्टिकोण कर्मचारियों पर प्रौद्योगिकी के परिवर्तनकारी प्रभाव को उजागर कर रहा है।
विशिष्ट अतिथि रहे हीरो मोटोकॉर्प के विनिर्माण एचआर प्रमुख डॉ. प्रद्युम्न पांडे ने बताया कि कोविड काल से ऑटोमेशन तकनीक की उपयोगिता बढ़ गई है। वोडाफोन/आइडिया के जीएम/एचआर राजीव नैथानी ने कहा कि विनिर्माण और ऊर्जा क्षेत्र समेत कई प्रकार की प्रौद्योगिकी तेजी से विकसित हुई है। इस तेजी से बदलते परिवेश ने सॉफ्टवेयर विकास और उत्पाद डिजाइन प्रक्रियाओं पर बड़ा प्रभाव पड़ा है।
देबलीना रॉय ने प्रतिभा, क्षमता, विविधता, समावेशन का महत्व बताया। राहुल पखाले ने संगठन में बदलाव लाने के लिए विश्लेषण और प्रदर्शन प्रबंधन का महत्व बताया। आईआईएम के प्लेसमेंट और कॉरपोरेट रिलेशंस चेयरपर्सन प्रो. उत्कर्ष ने बताया कि एचआर कॉन्क्लेव उत्कृष्ट पेशेवरों और विचारकों को एक साथ लाया है। संकाय प्रोफेसर मृदुल माहेश्वरी ने संचालन किया।