काशीपुर। जनजीवन उत्थान समिति की ओर से हिंदी दिवस पर हुई विचार गोष्ठी में शैलेंद्र मिश्रा ने कहा कि भाषा ही संस्कार, संस्कृति का संवहन और व्यक्ति की सामाजिक एवं सांस्कृतिक पहचान के साथ ही उसकी सामाजिक संवेदना व्यक्त करती है। वहां भास्कर त्यागी, सैयद आसिफ अली, देवांग मिश्रा आदि थे। उदयराज हिंदी इंटर कॉलेज में लोगों ने हिंदी उद्भभव, विकास और महत्ता पर प्रकाश डाला। वहां प्रधानाचार्य बृजेश गुप्ता, मनोज विश्नोई मुनीशकांत शर्मा, रोशन लाल वर्मा आदि थे।
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बाजपुर। पीजी कॉलेज में प्राचार्य केके पांडेय ने कहा कि भाषा संस्कृति की संवाहक होती है। इसकी उपेक्षा से कोई भी देश अपने अस्तित्व को खो देता है। वहां डॉ. संगीता, डॉ. संध्या चौरसिया, डॉ. रीता सचान, डॉ. मनुहार आर्य, डॉ. अनिल सैनी आदि थे। इसके अलावा आदर्श कन्या इंटर कॉलेज, राजकीय इंटर कॉलेज बरहैनी, जीआईसी सहित अन्य विद्यालयों में हिंदी दिवस मनाया गया।
हिंदी दिवस : पोस्टर प्रतियोगिता में चित्र पर उकेरी प्रतिभा
नानकमत्ता। राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय डियोढ़ी में हिंदी दिवस पर पोस्टर प्रतियोगिता हुई। प्रतिभागियों का पुरस्कार देकर हौसला बढ़ाया गया। वहां प्रधानाध्यापक सोबरन सिंह राणा, मो. इलियास, पीएस राणा, विमला देवी, जीत कौर, मो. फरमान आदि थे।
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जसपुर। आरएलएस मेमोरियल डिग्री कॉलेज में छात्र वासु, अमरजीत कौर, बुशरा, पूनम, रस्मी और शगुन ने कहा कि मातृभाषा की उन्नति बिना किसी भी समाज की तरक्की संभव नहीं है। एलबीएसएस डिग्री कॉलेज महुआडाबरा में आयोजित गोष्ठी में हिंदी के महत्व पर प्रकाश डाला। वहां प्रबंधक धर्मेंद्र सिसौदिया, डॉ. सुबोध शर्मा, डॉ. नरदेव सिंह, रचना देवी आदि थे।