जेईई मेन्स 2022 में उत्तराखंड टॉप करने वाले गौतम अरोरा का कहना है कि यदि आप अपना लक्ष्य निर्धारित कर लें तो कामयाबी को कोई नहीं रोक सकता। इसके लिए ईमानदारी से प्रयास करने होंगे।
गौतम ने कहा कि जेईई मेन्स की परीक्षा बिना कोचिंग के भी पास की जा सकती है लेकिन जो बच्चे कोचिंग करते हैं तो उन्हें वहां मिलने वाली गाइडेंस से बहुत फायदा होता है।
उन्होंने कहा कि जेईई मेन्स की तैयारी के लिए आठ से 10 की घंटे की प्रतिदिन पढ़ाई जरूरी है। यदि कोचिंग में चार घंटे पढ़ाई होती है तो छह घंटे खुद भी पढ़ना जरूरी है। उन्होंने कहा कि जेईई मेन्स की तैयारी कर रहे छात्र-छात्राओं के लिए मॉक टेस्ट की भूमिका महत्वपूर्ण होती है।
इसके लिए अभ्यास एप छात्र-छात्राओं के लिए बहुत मददगार बन रहा है। इस एप में करीब 100 मॉक टेस्ट तैयार किए हैं, जिनके माध्यम से प्रवेश परीक्षा की अच्छी तैयारी हो सकती है। गौतम ने कहा कि आकाश इंस्टीट्यूट के शिक्षक सुधीर ने उन्हें काफी मदद की। इस कारण वह परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त कर सके।
गौतम के अनुसार जेईई मेन्स की परीक्षा का पहला एटेंप पास किया है। दूसरा एटेंप 21 जुलाई के बाद होगा। इसके बाद अगस्त में होने वाले जेईई एडवांस की भी परीक्षा देंगे।
जेईई मेंस परीक्षा में कोटद्वार के सात छात्र-छात्राओं ने बाजी मारी है। इसमें बलूनी क्लासेज के छह छात्र-छात्राएं और सक्षम टूटोरियल का एक छात्र शामिल है। बलूनी क्लासेज के प्रणय जोशी ने 97.96 और सक्षम टूटोरियल के छात्र सुभांश नैथानी ने 97.95 पर्सेंटाइल प्राप्त किया।
सोमवार को देवी रोड स्थित बलूनी क्लासेज में आयोजित सम्मान समारोह में संस्थान की डायरेक्टर अभिलाषा भारद्वाज ने छात्र-छात्राओं को स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया। उन्होंने बताया कि जेईई मेंस परीक्षा में संस्थान के छात्र प्रणय जोशी ने 97.96 पर्सेंटाइल, अमन रावत ने 96.31, शुभ्रत शैलवाल ने 94.74, मनीष सिंह ने 91.03 पर्सेंटाइल और अक्षांश थलेड़ी ने 90.98 पर्सेंटाइल हासिल की है। बलूनी ग्रुप ऑफ एजुकेशन के चेयरमैन नवीन बलूनी और उत्तराखंड प्रभारी विपिन बलूनी ने सभी छात्र-छात्राओं को शुभकामनाएं दीं।
उधर, सक्षम टूटोरियल के डायरेक्टर कुलदीप सिंह तेजान ने बताया कि उनके संस्थान के छात्र सुभांश नैथानी ने जेईई मेंस परीक्षा में 97.95 पर्सेंटाइल प्राप्त किया है। सुभांश के पिता जवाहर नवोदय विद्यालय में सीए (चार्टेड एकाउंटेंट) और माता अध्यापिका हैं। उसने परीक्षा पास करने के लिए रोजाना छह से आठ घंटे पढ़ाई की। सुभांश ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता और गुरुजनों को दिया है। सक्षम टूटोरियल के सेंटर कोऑर्डिनेटर मोनिका चौधरी, सुमित शर्मा, हाशिम अली, गौरव काला ने सुभांश नैथानी को बधाई दी।