गदरपुर। मोहल्ला स्वच्छता समिति में समायोजन की मांग के लिए प्रदर्शन कर रहे ठेका सफाई कर्मियों ने बुधवार को पालिका गेट के सामने गंदगी का ढेर लगाकर पालिका प्रशासन के विरुद्ध आक्रोश प्रकट किया। उन्होंने पालिका अध्यक्ष के पुतले को गेट के सामने खड़ा कर आवाजाही भी बंद कर दी।
कर्मचारियों की तैयारी पालिका अध्यक्ष के आवास पर जाकर भी कूड़ा फेंकने की थी लेकिन एसआई पूरन सिंह तोमर ने कर्मचारियों को समझा-बुझाकर जाने से रोक दिया। भाजपा ओबीसी मोर्चा के पूर्व जिला अध्यक्ष रजत उर्फ अश्विनी कुमार का कहना था कि प्रशासन मौन व्रत धारण किए हुए है। उनका कहना था कि केस दर्ज होने के बाद पालिका अध्यक्ष की गिरफ्तारी नहीं हो रही है। भारतीय वाल्मीकि धर्म समाज के राष्ट्रीय संयुक्त मंत्री दीप सिंह राही, अशोक वाल्मीकि, अविनाश कुमार और सुरेश कुमार ने भी धरना स्थल पर पहुंचकर समर्थन दिया। वहां पर राकेश सांवरिया, अंकित कुमार, सचिन कुमार, प्रेमलाल, नन्हें लाल, मिथुन कुमार, सोनू वाल्मीकि, रजत कुमार आदि थे।
पालिकाध्यक्ष ने मांगी सुरक्षा
गदरपुर। पालिका अध्यक्ष गुलाम गौस ने डीएम, एसडीएम, एसएसपी सहित अन्य अधिकारियों को पत्र भेजकर सुरक्षा की मांग की है। उन्होंने कहा कि पर्यावरण मित्रों ने पालिका कार्यालय के गेट पर गंदगी डालकर आवाजाही प्रभावित करने की कोशिश की। उनका आरोप है कि रजत उर्फ अश्विनी कुमार ने उनको मारने की धमकी दी है, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में देखी जा सकती है।
गदरपुर के घमासान पर प्रशासनिक चुप्पी लगा रही सवालिया निशान
गदरपुर। नगर पालिका गदरपुर में पिछले एक पखवाड़े से चल रहे घमासान पर प्रशासनिक अधिकारियों की चुप्पी सवालिया निशान खड़े कर रही है। 26 जुलाई को पालिका बोर्ड की आवश्यक बैठक में सफाई ठेका निरस्त करने के सभासदों के प्रस्ताव पर लंबी कशमकश के बाद पालिका अध्यक्ष गुलाम गौस ने ठेका निरस्त करने का आदेश जारी कर दिया। ईओ जगदीश चन्द्रा के मेडिकल अवकाश पर जाने से स्थिति जस की तस बनकर रह गई है। शुक्रवार को धरने पर बैठे ठेके पर कार्यरत पर्यावरण मित्रों के नेता रजत उर्फ अश्वनी कुमार की पालिका कार्यालय पहुंचे गुलाम गौस से नोकझोंक भी हुई और मामला गालीगलौज तक पहुंच गया।
देर रात तक चले हंगामा और विरोध प्रदर्शन के बाद पालिका अध्यक्ष पर अभद्र टिप्पणी और गाली गलौज करने पर एससी एसटी एक्ट के तहत केस भी दर्ज हो गया। पुलिस मामले की जांच कर रही है लेकिन धरने पर बैठे कर्मचारी गिरफ्तारी की मांग पर अड़े रहे हैं। नगर की सफाई व्यवस्था बदहाल हो चुकी है। सफाई व्यवस्था को लेकर जनता कभी सभासदों तो कभी पालिका प्रशासन की ओर टकटकी लगाई हुई है। कल तक सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करने वाले सभासद घरों में बैठे हुए हैं और प्रशासन चुप्पी साधे हुए हैं।