रुद्रपुर। नंदा गौरा योजना का लाभ लेने के लिए लोगों ने अपनी वार्षिक आय आधी से भी कम कर दी। तहसील स्तर से की गई जांच के बाद यह खुलासा हुआ है। बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी (डीपीओ) ने जिलेभर के 81 फर्जी आवेदकों के विरुद्ध एफआईआर के लिए एसएसपी को फाइल सौंप दी है।
प्रीत विहार कॉलोनी निवासी एक व्यक्ति की तहसील में वार्षिक आय एक लाख आठ हजार रुपये दर्ज है लेकिन नंदा गौरा के आवेदन पत्र में उसने अपनी वार्षिक आय 48,000 रुपये दिखाई है। तत्कालीन तहसीलदार नीतू डागर की जांच रिपोर्ट में इसे आपराधिक कृत्य बताते हुए आय प्रमाणपत्र को निरस्त कर आरोपी के खिलाफ एफआईआर की संस्तुति की है। अन्य आय प्रमाणपत्रों में भी ऐसा ही फर्जीवाड़ा किया गया है।
जिले के बाजपुर ब्लॉक में सबसे अधिक 29 अभिभावकों ने आय प्रमाणपत्रों में फर्जीवाड़ा किया है। इसमें रतनपुरा निवासी एक अभिभावक ने दोनों पुत्रियों का फर्जी प्रमाणपत्र बनाकर आवेदन किया है। जन्म के आधार पर नंदा गौरा योजना के लिए 55 अभिभावक और इंटर पास बालिका के आधार पर लाभ लेने वाले 26 अभिभावकों के खिलाफ केस होने वाला है।
डीपीओ उदय प्रताप सिंह ने बताया कि नंदा गौरा योजना में बालिका के जन्म पर माता-पिता को 11,000 रुपये तो इंटर पास बालिकाओं को 51,000 रुपये की राशि दी जाती है। विभाग और तहसील की जांच के बाद अब पुलिस की ओर से अभिभावकों के खिलाफ केस दर्ज किया जाएगा।
जन्म वाली बालिका के आय प्रमाणपत्रों में फर्जीवाड़े की सूची
ब्लॉक - संख्या
बाजपुर - 29
सितारगंज - 10
गदरपुर - 06
काशीपुर ग्रामीण - 05
जसपुर शहर - 02
खटीमा - 01
रुद्रपुर ग्रामीण - 01
काशीपुर शहर - 01
इंटर पास बालिकाओं के आय प्रमाणपत्रों में फर्जीवाड़े की सूची
ब्लॉक - संख्या
काशीपुर ग्रामीण - 12
गदरपुर - 08
खटीमा - 02
सितारगंज - 02
जसपुर ग्रामीण - 02