जगतपुरा में घरेलू रंजिश को ले कर चाचा को जान से मारने के लिए पहुंचा था भतीजा
आरोपियों के कब्जे से मिले तीन विदेशी पिस्टल और एक तमंचा
संवाद न्यूज एजेंसी
रुद्रपुर। जगतपुरा में चाचा और भतीजे के बीच चल रही घरेलू रंजिश हत्या में तब्दील होने जा रही थी। भतीजे ने जबरन कार पार्किंग का बहाना कर चाचा से भिड़ंत की लेकिन मामला शांत हो गया और रिपोर्ट दर्ज होने के बाद पुलिस ने भतीजे और उसके तीन साथियों को दबोच लिया। सभी आरोपी चाचा को जान से मारने की फिराक में वहां पहुंचे थे। पुलिस को आरोपियों के कब्जे से तीन विदेशी पिस्टल, एक तमंचा चार कारतूस मिले हैं।
रविवार को पुलिस कार्यालय में एसपी सिटी मनोज कत्याल ने बताया कि शनिवार को जगतपुरा निवासी प्रतेश शर्मा की उनके भतीजे कौशल शर्मा से कार पार्किंग को ले कर विवाद हो गया था। इसके बाद कौशल ने अपने साथी वीरू नगरा किच्छा निवासी गगनदीप सिंह, माधवपुर बहेड़ी जिला बरेली निवासी जगदीश सिंह और किच्छा निवासी विजय यादव के साथ मिल कर चाचा से मारपीट की और उन पर लोड पिस्टल भी लहराई। पुलिस ने धारा 307 के तहत केस दर्ज कर आरोपियों की तलाश की। रविवार को पुलिस ने किच्छा से सभी आरोपियों को दबोच लिया। पूछताछ में आरोपी कौशल ने बताया कि उसकी घरेलू विवादों को ले कर चाचा से पुरानी रंजिश चल रही है। इसी वजह से उसने चाचा को मरवाने की तैयारी की और जबरन कार पार्किंग की बात को ले कर विवाद किया। उनको मरवाने के लिए उसने साथी गगनदीप को वहां बुलवाया था। आरोपी कौशल पर मारपीट और जान से मारने के प्रयास के 11 केस दर्ज हैं। जबकि गगनदीप पर गैंगस्टर, मारपीट और जान से मारने के प्रयास के नौ केस दर्ज हैं। एसपी सिटी का कहना है कि सभी को गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष पेश किया जाएगा। न्यायालय के आदेश पर उन्हें जेल भेजा जाएगा।
एसटीएफ को चकमा दे कर फरार हुआ था सरगना गगनदीप
रुद्रपुर। 30 मार्च को किच्छा में एसटीएफ और पुलिस ने एक घर से चार शूटरों को दबोचा था। सभी शूटर एक गैंग लीडर की हत्या करने के लिए वहां ठहरे थे। शूटरों को ठहराने और गैंग लीडर की हत्या करवाने के पीछे सरगना गगनदीप का हाथ था। लेकिन पुलिस के पहुंचने से पहले वह दो साथियों को ले कर फरार हो गया था। सीओ सिटी ओमप्रकाश का कहना है कि उस घटना के बाद उसके नाम पर यूपी की कोर्ट से वारंट जारी हुआ और वह जेल गया। शुक्रवार को वह जेल से छूट कर आया है। संवाद