खटीमा। क्षेत्र में तीन दिनों से हो रही तेज बारिश से निचले हिस्सों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। इससे धान और गन्ने की फसल को भारी नुकसान हुआ है। प्रशासन ने खेतलसंडा खाम के दस प्रभावित परिवारों को विस्थापित कर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया है।
क्षेत्र में 14 सितंबर से हो रही तेज बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। जलभराव से खेतलसंडा खाम में जलभराव से 10 परिवार घिर गए। सूचना मिलते ही प्रशासन की टीम ने बाढ़ से घिरे इन परिवारों के 52 सदस्यों को निकालकर स्कूल में सुरक्षित स्थान पर विस्थापित कराया। पूर्ति निरीक्षक हयात सिंह बुंगला के नेतृत्व में पूर्ति विभाग की टीम ने बाढ़ पीड़ित इन परिवारों के भोजन की व्यवस्था की।
सीएमएस डॉ. सुषमा नेगी के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग के डॉ. देशदीपक गौड़, डॉ. नूपुर पांडे, अनीता खड़ायत के नेतृत्व में खेतलसंडा खाम पहुंचकर बाढ़ पीड़ितों का स्वास्थ्य परीक्षण किया। ग्रामीणों को जरूरी दवाएं और अन्य सुविधाएं दिलाईं। एसडीएम रविंद्र सिंह बिष्ट ने मौके पर जाकर विस्थापित लोगों का हाल जाना। बताया कि जलस्तर घटने तक परिवार को सुरक्षित स्थान पर रखा जाएगा।
ग्राम दाह ढाकी में देवहा नदी का जलस्तर बढ़ने से तेजी से भूकटाव हो रहा है। सत्रहमील थाना पुलिस ने मझोला चौकी क्षेत्र के नौसर, मेहरबाननगर, मजगमी, ढाह ढाकी में दिन-रात जाकर जलभराव की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों में जाने की हिदायत दी। मार्तंड होम्योपैथिक क्लीनिक की ओर से डॉ. प्रदीप एवं डॉ. शैलेजा पांडेय ने चकरपुर की वनरावत बस्ती में जलभराव पीड़ित 20 परिवारों को घर-घर जाकर राशन, घरेलू सामान, कपड़े, बच्चों को खिलौने बांटे।
उमरुखुर्द कंजाबाग में चहारदीवारी गिरी
खटीमा। कई स्थानों पर पानी भरने एवं तेज हवा में धान की खड़ी फसल गिरने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। तेज बारिश एवं हवाओं के झोके से उमरुखुर्द कंजाबाग खड़ायत इंडस्ट्रीज की चहारदीवारी गिर गई। मंडी समिति के पूर्व चेयरमैन दलजीत सिंह गोराया ने बताया कि पीलीभीत रोड पर मुख्य मार्ग जलमग्न होने से पैदल चलने वालों को परेशानी हो रही है। उन्होंने लोनिवि सहित शासन, प्रशासन से जलनिकासी की मांग की है। लोनिवि के ईई मोहन चंद्र पलड़िया ने बताया कि बारिश बंद होते ही पीलीभीत मुख्य मार्ग पर जलनिकासी कराई जाएगी।