बैलगाडी में घर का सामान वापस लाते बच्चे। संवाद
- किताबें, कॉपी खराब हो जाने के कारण बच्चों की पढ़ाई हो रही प्रभावित
काशीपुर। हिम्मतपुर में आई बाढ़ को चार दिन बीत चुके हैं लेकिन अभी तक लोगों की जिंदगी पटरी पर नहीं लौटी है। बीती 6 जुलाई को बहल्ला नदी से आई बाढ़ ने हिम्मतपुर हेमपुर इस्माइल के लोगों को झकझोर के रख दिया था। तीन दिन राधेहरि राजकीय महाविद्यालय में बनाए गए बाढ़ राहत केंद्र में रहे 49 परिवार अपने घर 18 जुलाई की शाम को वापस लौट गए थे। अधिकतर लोग मेहनत-मजदूरी कर अपने परिवार का भरण पोषण करते हैं लेकिन ये लोग अभी तक काम पर भी नहीं लौट सके हैं। सभी घरों को साफ कर में जुटे हैं। बाढ़ प्रभावित सुमन देवी की पुत्री सिमरन कक्षा 12वीं की छात्रा है। बाढ़ के कारण वह हफ्ते भर स्कूल नहीं जा सकी। घर लौटी तो पाया कि स्कूल की कॉपी-किताबें भी पानी से गीली हो चुकी थीं। वहीं कुछ कॉपी-किताबें बह गई। पठन सामग्री पूरी नहीं होने पर फिलहाल सिमरन और गांव के अधिकतर बच्चे स्कूल नहीं जा पा रहे हैं।
बैलगाडी में घर का सामान वापस लाते बच्चे। संवाद