कर्मचारी राज्य बीमा योजना ने अस्पतालों को नोटिस भेजकर मांगा जवाब, संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर हो सकते हैं ब्लैक लिस्टेड
काशीपुर। कर्मचारी राज्य बीमा योजना निदेशालय ने ईएसआई की मद में इलाज किए बगैर बिल प्रस्तुत करने के मामले में पांच निजी अस्पतालों को नोटिस भेजकर स्पष्टीकरण मांगा है। वहीं ईएसआई कार्ड धारक इलाज की सुविधाएं न मिलने का आरोप लगाकर प्रदर्शन भी कर चुके हैं।
कुछ अस्पतालों ने ईएसआई की मद में करोड़ों की रकम लेने के लिए बिल भुगतान के लिए प्रस्तुत किए थे। जांच होने पर शहर के कई अस्पतालों में मरीज भर्ती किए बगैर ही उनके इलाज का क्लेम प्रस्तुत करना पाया गया। राज्य कर्मचारी बीमा योजना उत्तराखंड के मुख्य चिकित्साधिकारी ने आयुष्मान अस्पताल को नोटिस भेजा है। जिसमें कहा गया कि 30 मई को निदेशालय की जांच समिति ने अस्पताल का औचक निरीक्षण किया था। 1 सितंबर को समिति ने रिपोर्ट प्रस्तुत की। जिसमें यूटीआईआई पोर्टल पर 24 मरीज इमरजेंसी में भर्ती दिखाए गए, लेकिन मौके पर 9 मरीज पाए गए। 15 मरीजों की ही फाइल दिखाई गई। एक मरीज के दो-दो डिस्चार्ज कार्ड बने पाए गए।
अस्पताल में 96 प्रतिशत मरीजों का आईपीडी से इलाज और 4 प्रतिशत मरीजों का ओपीडी के माध्यम से इलाज होता पाया गया। जिसके चलते अग्रिम आदेशों तक योजना के साथ अस्पताल का अनुबंध निलंबित कर भुगतान पर रोक लगा दी है। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन को सात दिनों में स्पष्टीकरण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। संतोषजनक उत्तर नहीं मिलने पर अस्पताल को ब्लैक लिस्ट भी किया जा सकता है। इसके अलावा ग्लोबल, संजीवनी, स्पर्श, नव्या अस्पताल को भी नोटिस भेजा गया है। वहीं डॉ. संध्याराज ने बताया कि निदेशालय की टीम ने आयुषमान, ग्लोबल, संजीवनी, स्पर्श, नव्या अस्पताल का निरीक्षण किया था। टीम में वह भी शामिल रही है। कई अनियमितताएं पाई गई है। अस्पतालों की आईडी निलंबित कर दी गई है।