रुद्रपुर में प्रेस वार्ता करते किच्छा विधायक तिलकराज बेहड़। संवाद
रुद्रपुर। सरकार की ओर से अतिक्रमण के खिलाफ की जा रही कार्रवाई का विरोध करते हुए किच्छा विधायक तिलकराज बेहड़ ने कहा कि उत्तराखंड राज्य की स्थापना में विशेष योगदान देने वाले तराई के लोगों को अतिक्रमण के नाम उजाड़ना उनके साथ अन्याय है।
बेहड़ ने कहा कि अतिक्रमण के लिए उस समय के अधिकारी भी दोषी हैं। उनके रहते अतिक्रमण हुआ, आज वही अधिकारी बुलडोजर चलवा रहे हैं।
बृहस्पतिवार को रुद्रपुर स्थित अपने आवास पर प्रेस वार्ता कर बेहड़ ने कहा कि उधम सिंह नगर को उत्तराखंड में शामिल करने की उन्होंने भी वकालत की थी। इसको लेकर एक प्रतिनिधि मंडल तत्कालीन पीएम अटल बिहारी वाजपेयी से मिला था। भारी विरोध के बावजूद उधम सिंह नगर को उत्तराखंड में शामिल किया गया लेकिन आज तराई के लोगों को अतिक्रमण के नाम उजाड़ा जा रहा है। सरकार किसानों की बंजर भूमि वर्ग चार व अन्य प्रकार की जमीनों को ढूंढकर निशान व पिलर लगा रही है।
पंतनगर विश्वविद्यालय परिसर में 917 अतिक्रमण चिन्हित कर मजदूरों को उजाड़ने की तैयारी है। बेहड़ ने कहा यह वही मजदूर हैं जो ठेका प्रथा शुरू होने से पहले जब विश्वविद्यालय स्वयं खेती करता था, तभी से यहां खेती का काम करते आए हैं। बेहड़ ने कहा कि वह सीएम पुष्कर सिंह धामी से जनता की तरफ से अपील करते हैं कि अतिक्रमण के नाम पर चलाए जा रहे अभियान को तत्काल रोका जाए। इसको लेकर वह पांच जून को डीएम कार्यालय में धरना देंगे। इसके बाद जरूरत पड़ी सीएम कार्यालय भी कूच करेंगे। वहां पर मीना शर्मा,जगदीश तनेजा आदि थे।