सितारगंज। वार्डवासी ने प्रधान समेत तीन लोगों के खिलाफ अभद्रता, मारपीट, धमकी देकर जातिसूचक गालियां देने का आरोप लगाया। पुलिस ने नामजद रिपोर्ट दर्ज कर ली। उधर, प्रधान ने भी एक नगरवासी और उसके साथियों पर उनकी कार में टक्कर मारकर उन्हें कुचलने का प्रयास करने, अभद्रता कर जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है।
नगर के वार्ड संख्या छह नहरपार निवासी रोहित कुमार वाल्मीकि ने पुलिस को तहरीर दी। बताया कि मंगलवार को वह दक्षिणी सोसाइटी में डेलीगेट पद के लिए मतदाता बनवाने गए थे। आरोप लगाया कि कुंवरपुर सिसैया निवासी रेशम सिंह, नयागांव नकहा निवासी मो. वासिफ और हल्दुआ सिसैया गांव के मलकीत सिंह ढिल्लो उर्फ मीत अपने अन्य साथियों के साथ बैठे थे। आरोप लगाया कि वह कागजात लेकर कार्यालय में जाने लगे तो इन सभी ने जातिसूचक गालियां दीं और उन्हें खींच कर पीट दिया।
उनकी चीख पुकार सुनकर सौरभ अरोड़ा और हर्षित आदि मौके पर आए तो आरोपी वहां से भाग गए और मेंबर बनने पर जान से मारने की धमकी दी। पुलिस ने तीनों नामजद आरोपियों और उनके साथियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 323, 504, 506 और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (नृशंसता निवारण) अधिनियम, 1989 (संशोधन 2015) की धारा 3(1) के तहत रिपोर्ट दर्ज कर ली।
इधर, दूसरे पक्ष के रेशम सिंह ने पुलिस को तहरीर दी। बताया कि वह कुंवरपुर ग्रामसभा के प्रधान और किसान हैं। वह अपने मित्र मलकीत सिंह के साथ खाद लेने दक्षिणी सोसायटी में गए थे। खाद मिलने में देरी होने पर वह अपनी कार से बाजार की तरफ जाने लगे। तभी नगर निवासी एक व्यक्ति अपने कुछ साथियों के साथ आया और उनकी कार में टक्कर मार दी।
जैसे ही वह कार से उतरे तो आरोपी ने पुन: कार से टक्कर मारकर उन्हें कुचलने का प्रयास किया। आरोपी ने उन्हें गालियां देकर जान से मारने की धमकी भी दी। सीओ ओमप्रकाश शर्मा ने बताया कि एससी एसटी एक्ट के आरोप में दर्ज रिपोर्ट में जांच कर सत्यता का पता लगाया जाएगा। सबूत जुटाने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।