काशीपुर। उत्तराखंड के प्राथमिक विद्यालयों में कुछ शिक्षक कूट रचित दस्तावेजों के आधार पर नौकरी कर रहे थे मामला संज्ञान में आने पर शासन द्वारा एसआईटी जांच कराई गई जिसमें कई शिक्षकों के दस्तावेज फर्जी पाए गए इस पर कार्रवाई करते हुए विभाग ने फर्जी दस्तावेजों पर नौकरी कर रहे शिक्षकों को निलंबित कर दिया था। इसके खिलाफ निलंबित शिक्षकों ने नैनीताल हाईकोर्ट में याचिका दायर की हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि के आरोपी शिक्षकों पर कार्रवाई करने से पूर्व उनका पक्ष भी सुना जाना चाहिए इस पर विभाग की ओर से जांच समितियां गठित की गई काशीपुर खंड में आरोपी शिक्षकों के दस्तावेजों के सत्यापन का जिम्मा खंड शिक्षा अधिकारी गीतिका जोशी को सौंपा गया। उनके द्वारा धीमरखेड़ा प्राथमिक विद्यालय में कार्यरत शिक्षक धीरज कुमार द्वारा लगाई गई हाईस्कूल की अंकतालिका की जांच कराई गई, तो इलाहाबाद माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के अभिलेखों में उक्त अंकतालिका के अनुक्रमांक पर किसी दूसरे व्यक्ति का नाम दर्ज होना पाया गया। जाँच में धीरज कुमार द्वारा लगाई गई मार्कशीट फर्जी पाई गई। जांच रिपोर्ट के आधार पर 22 मार्च को धीरज को सरकारी सेवा से बर्खास्त कर दिया गया। शनिवार को आईटीआई थाना पुलिस ने खंड शिक्षा अधिकारी गीतिका जोशी की तहरीर पर आरोपी शिक्षक धीरज कुमार के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कर लिया है।