काशीपुर। संपत्ति विवाद से एक प्रतिष्ठित परिवार की आपसी कलह खुलकर सामने आ गई है। एक महिला ने राइस मिलर और भाजपा नेता अनूप अग्रवाल, उनके दो भाइयों और परिवार की तीन महिलाओं के खिलाफ कूटरचित दस्तावेज तैयार कर धोखाधड़ी से सात एकड़ जमीन हड़पने का आरोप लगाया है। कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
चामुंडा विहार कॉलोनी निवासी पुष्पा अग्रवाल ने एसीजेएम कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया। इसमें बताया कि उनके पति महेश कुमार अग्रवाल और केशव सरन अग्रवाल दोनों सगे भाई थे। उसके पति महेश की मृत्यु 11 वर्ष पूर्व हो चुकी है। बड़ा भाई होने के नाते परिवार का प्रबंधन केशव के हाथों में था। पिछले साल 29 सितंबर को उनका भी निधन हो गया।
प्रार्थना पत्र में पुष्पा ने बताया कि कचनालगाजी स्थित खसरा संख्या 316 मिन कुल रकबा 4.902 हेक्टेअर आराजी में उनके पति सहखातेदार के तौर पर काबिज थे। 20 जून 2021 को उन्होंने अपनी जमीन में से 0.405 हेक्टेअर आराजी बेचने के लिए तहसील से खतौनी निकलवाई तो पता चला कि उनके जेठ केशव ने उनके हिस्से की सात एकड़ भूमि स्वयं और अपनी पत्नी उर्मिला को गवाह के रूप में प्रस्तुत कर धोखाधड़ी से अपनी पुत्रों और पुत्रवधुओं के नाम करा दी। फर्जी हस्ताक्षरों से इस भूमि के 11 बैनामे रजिस्टर्ड करवाए गए।
उन्होंने रजिस्ट्रार कार्यालय से बैनामों की खोजबीन करवाई तो उन पर फर्जी हस्ताक्षर और अंगूठे लगे मिले। बैनामों में भूमि की कीमत सर्किल रेट से कम दर्शाई गई है। इससे सरकारी स्टांप की चोरी भी की गई है। उन्होंने चार फरवरी और 20 फरवरी को हुए इन बैनामों की जांच देहरादून के निजी विशेषज्ञों से स्वयं कराई तो उसके पति के हस्ताक्षर और अंगूठा निशानी सही नहीं मिली। इससे स्पष्ट है कि कूटरचित दस्तावेज तैयार कर बैनामे कराए गए।
पुष्पा का कहना है कि विपक्षी राजनीतिक रसूख वाले हैं। इसलिए तहरीर देने के बाद भी पुलिस ने उनके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज नहीं की। प्रार्थना पत्र पर सुनवाई कर कोर्ट ने आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश दिए। इस आधार पर पुलिस ने भाजपा नेता अनूप अग्रवाल, अजय अग्रवाल, अतुल अग्रवाल, उनकी मां उर्मिला समेत उनकी परिजन अर्चना, प्रीति के खिलाफ धोखाधड़ी की धाराओं में केस दर्ज कर लिया।
उधर, उद्यमी अजय अग्रवाल ने इन आरोपों को पूरी तरह से निराधार बताया। कहा कि ये सभी बैनामे वर्ष 2002 और 2003 के हैं। उनके चाचा महेश अग्रवाल ने स्वयं बैनामे किए हैं। वह हर तरह की जांच का सामना करना के लिए तैयार हैं।