काशीपुर। गेहूं की फसल जलने के बाद हाइटेंशन लाइन की मरम्मत करने पहुंचे पिटकुल कर्मियों का किसानों ने विरोध कर उन्हें काम नहीं करने दिया। किसानों ने कर्मचारियों को खूब खरीखोटी सुनाईं। किसानों ने पीड़ितों को मुआवजा मिलने तक लाइन की मरम्मत का काम शुरू नहीं होने देने की चेतावनी दी। सोमवार को ग्राम कुआंखेड़ा में सुरजीत सिंह और करणवीर सिंह के गेहूं के खेतों में एचटी लाइन से शॉर्ट सर्किट होने पर भीषण आग लग गई थी जिससे उनकी 12 एकड़ गेहूं की फसल जलकर राख हो गई थी। मंगलवार सुबह अधिशासी अभियंता नवीन प्रसाद कर्मचारियों के साथ लाइन की मरम्मत कराने पहुंचे। किसानों ने विरोध करते हुए कहा कि पहले किसानों को हुए नुकसान का मुआवजा दिया जाए। कहा कि पीड़ित किसान के खेत में पहले भी दो बार आग लग चुकी है लेकिन अभी तक मुआवजा नहीं मिला है। ईई ने भी किसानों को समझाने का प्रयास किया लेकिन किसान अपनी मांग पर डटे रहे। भाकियू युवा के प्रदेश प्रवक्ता मनप्रीत सिंह ने मौके पर पहुंचकर किसानों को मुआवजा देने की मांग की। वहीं, पिटकुल के अधिकारियों ने पटवारी की रिपोर्ट पर मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया। वहां पर भाकियू के प्रदेश अध्यक्ष कर्म सिंह पड्डा, मक्खन सिंह, हरदीप सिंह, सुरजीत सिंह, करन सिंह आदि मौजूद रहे।