बाजपुर में अनशन स्थल पर प्रदर्शन करते किसान। संवाद
बाजपुर। क्षेत्र के 20 गांव की 5838 एकड़ भूमि के भूमिधरी अधिकारों को लेकर चल रहे भूमि बचाओ सत्याग्रह आंदोलन को बृहस्पतिवार को चार माह पूरे हो गए लेकिन किसानों को भूमिधरी अधिकार वापस नहीं मिले हैं। जिससे किसानों के सब्र का बांध अब टूटता नजर आ रहा है। सरकार की अनदेखी से खफा किसानोें ने तीन दिसंबर को बाजपुर बंद का ऐलान किया है।
आंदोलनकारी किसानों ने कहा कि आंदोलन को चार माह होने के बाद भी उनकी मांग को अनदेखा किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अब आर पार की लड़ाई होगी। अनशन स्थल पर बैठक में आंदोलन की गति देने के लिए तीन दिसंबर को बाजार बंद की सहमति बनी है। बाजार बंद के दौरान आपातकालीन सेवाएं जारी रहेगी। क्रमिक अनशन पर प्रताप सिंह संधू, सोनू गिल, अमरनाथ शर्मा, पाला संधू, देवेश, प्रताप सिंह बैठे। मौके पर भाकियू प्रदेशाध्यक्ष करम सिंह पड्डा, जगतार सिंह बाजवा, रजनीत सोनू, दलजीत सिंह रंधावा,रणजीत सिंह शाकर, राजेंद्र सिंह गिल, केके शर्मा, सनी निज्जर आदि मौजूद रहे। संवाद