ज्येष्ठ उपप्रमुख गुरताज भुल्लर को सांत्वना देते कांग्रेस नेता प्रीतम सिंह, विधायक आदेश चौहान आद
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काशीपुर। कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने ज्येष्ठ उप प्रमुख गुरताज सिंह भुल्लर के आवास पर पहुंचकर दिवंगत गुरजीत सिंह के परिजनों को ढाढ़स बंधाया। इसके बाद वह जुड़का निवासी पूर्व प्रधान महल सिंह को श्रृद्धांजलि देने के लिए उनके आवास भी पहुंचे। प्रीतम ने बिगड़ी कानून व्यवस्था के मुद्दे पर सरकार को घेरा और कहा कि प्रदेश में कैबिनेट मंत्री तक सुरक्षित नहीं हैं।
शनिवार को ग्राम भरतपुर पहुंचे कांग्रेस नेता प्रीतम सिंह ने भुल्लर परिवार से मिलकर परिजनों को सांत्वना दी। बाद में पत्रकार वार्ता में कहा कि उत्तराखंड और खासकर तराई में आपराधिक वारदातों का ग्राफ बढ़ा है। यहां आम आदमी से लेकर सरकार के मंत्री तक की सुरक्षा को खतरा है। काशीपुर में 24 घंटे के भीतर दो हत्याएं होना यहां की विफल कानून व्यवस्था का परिचायक है। अंकिता भंडारी हत्याकांड में पुलिस अभी तक यह नहीं बता पाई कि किस वीआईपी की वजह से उसकी हत्या हुई है। काशीपुर में गुरजीत कौर व महल सिंह की हत्या से समूचे उत्तराखंड में दहशत का माहौल है।
राज्य में इंटेलीजेंस और कानून व्यवस्था पूरी तरह से फेल हो चुकी है। भरतपुर में यूपी पुलिस सादे कपड़ों में घर में घुसकर एक महिला की हत्या कर देती है और अगले दिन शूटर दिनदहाड़े कांग्रेस नेता महल सिंह की जान ले लेते हैं। इसके बावजूद सरकार हाथ पर हाथ धरे बैठी है। उन्होंने मामले में सीबीआई जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि जब सत्तारूढ़ दल के नेता खुद खुले आम बयान दे रहे हैं कि हत्याएं खनन के कारण हो रहीं है, ऐसे में सरकार को इसकी नैतिक जिम्मेदारी लेनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार इस दिशा में गंभीर होती तो अब तक जिले के कप्तान को हटा दिया जाना चाहिए था लेकिन ऐसा नहीं हुआ। इस दौरान विधायक आदेश चौहान, मनोज जोशी, मुक्ता सिंह, गजेंद्र चौहान, दुल्हे खां व हनीफ प्रधान आदि भी मौजूद रहे।
कांग्रेस नेता अनुपम ने की हत्याओं की भर्त्सना
काशीपुर। एआईसीसी मेंबर और कांग्रेस प्रदेश महासचिव अनुपम शर्मा ने काशीपुर में हुई हत्या की वारदातों की कड़े शब्दों में भर्त्सना की है। अनुपम ने कहा कि दोनों वारदात पुलिस की लापरवाही का नतीजा है। कांग्रेस नेता ने कहा कि प्रदेश सरकार केवल वसूली में व्यस्त है। खनन को लेकर अपराध बढ़ रहा है। अपराधियों में पुलिस का रत्ती भर खौफ नहीं रह गया है।