पंतनगर। विश्व बांस दिवस पर कृषि वानिकी अनुसंधान केंद्र में कार्यरत बांस विशेषज्ञ रमेश चौहान और पवन दूबे ने बृहस्पतिवार को बांस के पौधे रोपे। रमेश ने बताया कि बांस को हरा सोना अर्थात ग्रीन गोल्ड कहा जाता है। क्योंकि इसका महत्व केवल पर्यावरणीय दृष्टि से ही नहीं, बल्कि आर्थिक और सामाजिक दृष्टि से भी अधिक है। बताया कि खेती-बाड़ी में भी बांस के कई फायदे हैं। जानवरों से फसलों की सुरक्षा के लिए खेतों की बाड़ बनाने में कांटा बांस सबसे उत्तम विकल्प माना जाता है। बांस की खेती और उससे जुड़ी विस्तृत जानकारी के लिए किसान पंतनगर विवि के कृषि वानिकी अनुसंधान केंद्र से संपर्क कर सकते हैं।