एक माह पूर्व भेजे गए महानगर अध्यक्ष के कारण बताओ नोटिस का नहीं दिया जवाब
रुद्रपुर। कांग्रेस में कुछ समय से थमा गुटबाजी का शोर फिर से उठ रहा है। महानगर अध्यक्ष ने पार्टी के खिलाफ सोशल मीडिया में टिप्पणी और पार्टी कार्यक्रमों में शिरकत नहीं करने पर एक पार्षद को नोटिस थमाया तो पार्षद ने भी उसका जवाब तक नहीं दिया। पार्षद ने अध्यक्ष पर कईं आरोप मढ़ डाले। किच्छा विधायक तिलकराज बेहड़ के करीबी रहे पार्षद को पार्टी से निष्कासित करने की तैयारी है।
दस महीने पहले महानगर अध्यक्ष सीपी शर्मा की नियुक्ति के बाद से ही पार्टी दो गुटों में बंटी हुई है। एक गुट में सीपी के साथ जिलाध्यक्ष हिमांशु गाबा सहित अन्य नेता हैं, वहीं दूसरे गुट में किच्छा विधायक तिलकराज बेहड़ के करीबी नेता हैं। दोनों गुट के लोग संगठन के कार्यक्रम भी अलग-अलग करते रहे हैं और एक दूसरे के कार्यक्रमों से दूरी बनाए हुए हैं।
बेहड़ के करीबी वार्ड नंबर 39 के पार्षद रमेश कालड़ा को महानगर अध्यक्ष ने पार्टी विरोधी कार्यों के चलते कारण बताओ नोटिस थमाया था और एक महीने में जवाब नहीं देने पर निष्कासन की चेतावनी दी थी। लेकिन कालड़ा ने अब तक नोटिस का जवाब नहीं दिया। उनका कहना है कि महानगर अध्यक्ष वरिष्ठ कार्यकर्ताओं की अनदेखी कर रहे हैं और सम्मान नहीं कर रहे हैं। उनके घर के बाहर सत्संग का टैंट लगाने को लेकर विवाद हुआ था, जिसमें विधायक बेहड़ सहित अन्य नेता पहुंचे थे लेकिन महानगर अध्यक्ष और उनके साथ रहने वाले कार्यकर्ता वहां नहीं आए थे। नोटिस का वह कोई जवाब नहीं देने वाले हैं।
इधर महानगर अध्यक्ष शर्मा का कहना है कि पार्षद सोशल मीडिया पर पार्टी के बड़े नेताओं के खिलाफ गलत टिप्पणी करते हैं। जब पार्टी कार्यकर्ता निगम के खिलाफ धरना प्रदर्शन करते हैं तो ये भाजपा के लोगों के साथ खड़े होकर कार्यकर्ताओं का मनोबल गिराने का काम करते हैं। कहा कि नोटिस में दी गई मियाद खत्म हो चुकी है और अब निष्कासन की कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने प्रदेश अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष के संज्ञान में मामले को डाल दिया है।