रुद्रपुर। जिले के बार्डर पर नेशनल हाईवे 74 के किनारे स्थित काॅलोनी में एक बुजुर्ग की गला रेतकर हत्या कर दी गई। घर से लूट नहीं होने के चलते हत्या की वजह रंजिश मानी जा रही है। सूचना पर बिलासपुर थाने की पुलिस ने मौका मुआयना कर शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
जानकारी के अनुसार बिलासपुर के डिबडिबा ग्राम पंचायत स्थित सेठी काॅलोनी में मुसाफिर साहनी (70) अपनी पत्नी सुदम्या के साथ रहते थे। उनके दो बेटों के परिवार अगल-अलग रहते हैं। बुधवार को सुदम्या दवा लेने के लिए भूरारानी गई थी और ठंड की वजह से रात में अपनी बेटी शीला के घर रुक गई। घर पर मुसाफिर अकेले थे।
बृहस्पतिवार सुबह साढ़े सात बजे पोता शंकर दादा के घर आया तो कमरे का दरवाजा खुला था और लहूलुहान मुसाफिर जमीन पर पड़े थे। शंकर ने घर जाकर परिजनों को सूचना दी। परिजनों के साथ ही बड़ी संख्या में ग्रामीण वहां पहुंच गए। सूचना पर एडिशनल एसपी अतुल श्रीवास्तव, सीओ रवि खोखर सहित बड़ी संख्या में पुलिस फोर्स मौके पर पहुंची।
पुलिस ने परिसर में भीड़ को बाहर कर परिजनों से घटना की जानकारी ली। फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य एकत्र किए। शंकर ने बताया कि दादा के गला काटा गया था और सिर पर भी गहरी चोट के निशान थे। उसके अनुसार दादा से एक प्रापर्टी डीलर का विवाद चल रहा था। प्रापर्टी डीलर ने उनकी जमीन पर चहारदीवारी खड़ी कर दी थी और जमीन बेचने का दबाव बना रहा था। उन्होंने अंदेशा जताया कि घटना के पीछे यह वजह हो सकती है। सीओ रवि खोखर ने बताया कि हत्या की वजहों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। घटनास्थल का मुआयना कर परिजनों से जानकारी ली गई है। घटनास्थल के आसपास सीसीटीवी खंगालने के साथ ही हर कोण पर जांच की जा रही है। जल्द ही इस घटना का खुलासा किया जाएगा।
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घर के पीछे गड्ढे में दबी मिली कच्ची शराब की थैलियां
रुद्रपुर। एडिशनल एसपी अतुल श्रीवास्तव ने जब घटनास्थल का मुआयना किया तो घर के पिछले हिस्से में ईंट पड़ी थीं। शक होने पर उन्होंने कर्मचारियों से ईंट हटवाई तो बनाए गड्ढे से कच्ची शराब के 22 पाउच बरामद हुए। इन्हें पुलिस ने जब्त कर लिया। संवाद
तो 217 गज जमीन के लिए हुई मुसाफिर की हत्या....
प्रापर्टी डीलर ने जमीन के फ्रंट पर खड़ी कर दी थी दीवार
संवाद न्यूज एजेंसी
रुद्रपुर। कमजोर आर्थिक हालात और प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बने आवास में रहने वाले बुजुर्ग मुसाफिर की नृशंस हत्या से परिजनों के साथ ही ग्रामीण भी अवाक हैं। बेहद मिलनसार स्वभाव के मुसाफिर हर किसी की मदद को तत्पर रहते हैं। परिजनों ने प्रापर्टी डीलर पर शक जताया है। इसके अलावा पुलिस घर के पास मिली कच्ची शराब के कारण भी हत्या की आशंका को देखते हुए जांच कर रही है।
पेशे से मजदूर मुसाफिर 217 गज जमीन के एक हिस्से में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बने घर पर पत्नी के साथ रहते थे। एक साल पहले ही उनका आवास बना हुआ था। इस जमीन के बगल में प्रापर्टी डीलर की जमीन है। मुसाफिर के पोते शंकर का कहना है कि प्रापर्टी डीलर ने कुछ महीने पहले उनके दादा से 217 गज जमीन का सौदा 22 लाख रुपये में किया था और दस हजार रुपये एडवांस भी दिया था। बाद में दादा ने एडवांस की रकम लौटा दी थी।
छह महीने पहले दादा की जमीन पर डीलर ने जबरन दीवार खड़ी कर दी थी और जमीन पर जाने के लिए छोटा सी जगह छोड़ी थी। इसको लेकर दादा और डीलर के बीच विवाद चल रहा था। कहा कि चार दिन पहले डीलर दीवार के ऊपर एंगल लगवा रहा था लेकिन दादा के विरोध के चलते एंगल नहीं लग सके थे। पोते के अनुसार डीलर जमीन को किसी भी कीमत पर लेना चाहता था लेकिन दादा बेचने के लिए तैयार नहीं थे।
चार दिन पहले विवाद के बाद अब उनकी हत्या होने के पीछे वह इसी रंजिश को वजह मान रहे हैं। प्रधान रंधीर सिंह ने बताया कि उन्होंने ही एक साल पहले प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मुसाफिर का आवास बनवाया था।
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कमरे की दीवारों पर थे खून के छींटे
रुद्रपुर। हाईवे से करीब पांच सौ मीटर अंदर कच्चे रास्ते के किनारे मुसाफिर का जमीन और मकान बना है। मुख्य गेट नहीं होने की वजह से आसानी से हत्यारे घर तक पहुंचे और हत्या को अंजाम दिया। मौका-ए-वारदात का मंजर देखकर लगता है कि हमलावर से खुद को बचाने के लिए मुसाफिर ने काफी संघर्ष किया। कमरे में बिखरी कुर्सी और दूसरा सामान इस बात की तस्दीक कर रहा है। जमीन पर खून के साथ ही दीवारों पर भी खून के छींटे थे। माना जा रहा है कि पहले हमलावर ने मुसाफिर के सिर पर वार किया गया होगा और उसके जमीन पर गिरने पर उसका गला रेता होगा। संवाद
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दोनों बेटों के परिवार रहते हैं अलग अलग
रुद्रपुर। मुसाफिर के बेटे और बेटियों की शादी हो चुकी है। रिश्तेदार सुनील ने बताया कि मुसाफिर के एक बेटे राजन की मौत हो चुकी है और उसका परिवार कऍलोनी से 500 मीटर दूर रहता है। दूसरे बेटे धर्मेंद्र का परिवार तेल मिल के पास डिबडिबा में रहता है। जिस जमीन पर मुसाफिर रहते थे, उसे उन्होंने बेटे और पोतों के नाम पर किया था। संवाद