एल्डिको सिडकुल में ट्रांसपोर्ट हब में बैगुल नदी की जद में आए प्लेटफार्म का निरीक्षण करते एसउीए
सितारगंज। औद्योगिक क्षेत्र में बैगुल और कैलाश नदी कटाव कर रही हैं। इससे एल्डिको सिडकुल क्षेत्र नदियों के मुहाने पर आ गया है। एल्डिको कंपनी का अंडरग्राउंड पंपिंग सेट के नदी में समाने के साथ ही पांच विद्युत पोल और जंगल के कई पेड़ भी धराशायी हो गए। एसडीएम ने सिडकुल और सिंचाई विभाग की टीम के साथ नदियों से हो कटाव का निरीक्षण किया और ईई सिंचाई को ट्रांसपोर्ट हब को बचाने के लिए तत्काल बाढ़ सुरक्षा कार्य कराने के निर्देश दिए।
सिडकुल के आरएम रविंद्र कुमार ने जुलाई में एसडीएम तुषार सैनी को पत्र लिखकर बैगुल और कैलाश नदी से हो रहे भूमि कटाव से फैक्टरियों को खतरा बताते हुए इसके रोकथाम की मांग की थी। इस पर सोमवार को एसडीएम तुषार सैनी ने सिडकुल के आरएम रविंद्र कुमार और सिंचाई विभाग के ईई बीसी नैनवाल के साथ नदियों से हो रहे भूमि कटाव का निरीक्षण किया। इस दौरान ट्रांसपोर्ट हब क्षेत्र में करीब 800 मीटर लंबाई में बैगुल नदी से भारी कटाव सामने आया। यहां नदी ने हब में आरसीसी के निर्मित प्लेटफार्म को भी अपनी जद में ले लिया है। कैलाश नदी तुषार एक्सल कंपनी की दीवार से करीब दस मीटर दूर पहुंच गई है। नदी ने एल्डिको के एक पंपिंग सेट और बिजली के पांच पोल जद में ले लिए। कई पेड़ भी धराशायी हो गए हैं। करीब 1200 मीटर लंबाई में नदी से जमकर कटाव हो रहा है। इससे एल्डिको के पेयजल ओवरहेड टैंक और हैलीपेड को भी खतरा पैदा हो गया है। ओवरहेड टैंक से करीब नदी करीब 50 मीटर की दूरी पर बह रही है। अगर कटाव को नहीं रोका तो हैलीपेड भी नदी की जद में आ सकता है।
एसडीएम सैनी ने सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता नैनवाल को ट्रांसपोर्ट हब में बैगुल से हो रहे कटाव को रोकने के लिए जल्द से जल्द बाढ़ सुरक्षा कार्य कराने के निर्देश दिए। कैलाश नदी से हो रहे कटाव के लिए सिंचाई ईई ने बताया कि रिजर्व फॉरेस्ट क्षेत्र होने से बाढ़ सुरक्षा कार्य करने में समस्या आएगी। बरसात के बाद वन विभाग से अनापत्ति लेकर वृहद कार्य योजना तैयार करेंगे। इस पर कैलाश नदी से कटाव का क्षेत्र रिजर्व फॉरेस्ट में आने से एसडीएम ने तराई पूर्वी वन प्रभाग के डीएफओ से इस मामले में वार्ता करने की बात कही। वहां सिंचाई एई दीपचंद पंत, अपर सहायक अभियंता प्रकाश नेगी, सिडकुल के जेई मुकेश मंडल आदि थे।
कैलाशपुरी गांव में कटाव रोकने को लगाए जा रहे कट्टे
सितारगंज। कैलाश नदी से कैलाशपुरी गांव में कृषि भूमि में हो रहे कटाव को रोकने के लिए सिंचाई विभाग ने वैकल्पिक तटबंध निर्माण का काम शुरू कर दिया है। सिंचाई ईई बीसी नैनवाल ने बताया कि गांव में कृषि भूमि में नदी से कटाव को रोकने के लिए रेत से भरे कट्टे लगाकर वैकल्पिक तटबंध बनाया जा रहा है। कहा कि गांव व भूमि को नदी से बचाने के लिए विभाग युद्धस्तर पर कार्य कर रहा है।